सीहोर। श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर और सलकनपुर स्थित उत्तम सेवाधाम आश्रम के संचालक उत्तम स्वामी महाराज एक बेहद संगीन विवाद में घिर गए हैं। राजस्थान की एक युवती द्वारा उन पर नाबालिग उम्र से ही यौन शोषण और दुष्कर्म के सनसनीखेज आरोप लगाए जाने के बाद क्षेत्र में हडक़ंप मचा हुआ है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात बुदनी विधानसभा क्षेत्र के उन चार प्रमुख रसूखदारों की खामोशी है, जो इस आश्रम की पूरी व्यवस्था और देखरेख संभालते हैं।
विवाद गहराने के बाद भी सलकनपुर आश्रम का संचालन करने वाले स्थानीय व्यवस्थापकों ने अभी तक कोई सफाई पेश नहीं की है। बुदनी क्षेत्र के ये चारों प्रभावशाली व्यक्ति, जो महाराज के बेहद करीबी माने जाते हैं, फिलहाल इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। क्षेत्र की जनता अब इन व्यवस्थापकों की ओर टकटकी लगाए बैठी है कि वे सामने आकर स्थिति स्पष्ट करें कि आखिर सच्चाई क्या है? स्वामी पर लगे आरोप सही है या गलत।
दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की गुहार
पीडि़ता ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई.मेल भेजकर आरोप लगाया है कि साल 2026 में उज्जैन सिंहस्थ के दौरान जब वह नाबालिग थी, तब से उसका शोषण शुरू हुआ। शिकायत के मुताबिक उसे आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर दिल्ली और सलकनपुर के आश्रमों में बुलाकर गलत काम किया गया। युवती का दावा है कि उसके पास आरोपों को सिद्ध करने के लिए पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
विवादों से रहा है पुराना नाता
उत्तम स्वामी महाराज हाल ही में तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के न पहुंचने पर मंच से नाराजगी जताई थी, जिसके बाद सीएम को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी।


