कुबेरेश्वर धाम में अतिथि देवो भव: की परंपरा को लगा बट्टा….

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सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में चल रहे रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान मंगलवार को एक ऐसा वाकया हुआ जिसने प्रशासन और मीडिया जगत में नई बहस छेड़ दी है। पहली बार सीहोर की पावन धरा पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे थे, लेकिन धाम की आधिकारिक मीडिया समिति ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
बता दें कुबेरेश्वर धाम समिति द्वारा प्रतिदिन प्रेस को आयोजन की खबरें और तस्वीरें ई-मेल द्वारा जारी की जाती हैं, लेकिन मंगलवार की शाम जब प्रेस नोट जारी हुआ तो उसमें बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक भी तस्वीर नहीं थी। इसे मीडिया समिति की बड़ी चूक कहें या अनदेखी, लेकिन यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या समिति अतिथि देवो भव: के सनातन सिद्धांत को भूल गई है।
ऐतिहासिक मिलन, पर रिकॉर्ड में बेरुखी
पूरा परिसर जय श्री राम के नारों से गूंज रहा था, लाखों श्रद्धालु दो महान संतों के मिलन के गवाह बने। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से पंडित प्रदीप मिश्रा का सम्मान किया और चुटीले अंदाज में कहा हमने महाराज जी का कर्जा उतार दिया, आज हिसाब बराबर हो गया। उन्होंने सीहोर आने को अपना सौभाग्य बताया। लेकिन इतनी बड़ीघटना के बावजूद धाम की मीडिया टीम द्वारा जारी किए गए फोटो से मेहमान संत का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
श्रद्धालुओं और मीडिया में चर्चा का बाजार गर्म
एक ओर जहां पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से बड़प्पन दिखाते हुए पंडित मिश्रा को अपना मार्गदर्शक बताया, वहीं दूसरी ओर समिति की इस कथित लापरवाही को लेकर लोग इसे समन्वय की कमी मान रहे हैं।