सीहोर। युद्ध से केवल विनाश होता है, विकास नहीं। यह शब्द अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के हैं, जिन्होंने सीहोर की पावन धरा से विश्व शांति का आह्वान किया है। सीवन तट पर आयोजित महादेव की होली के दौरान पंडित मिश्रा ने वैश्विक हालातों, विशेषकर ईरान-इजराइल युद्ध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे मानवता और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बताया।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में जारी युद्ध से देश बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने महादेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि अब युद्ध रुकना चाहिए। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि इस युद्ध की आग से केवल सीमाएं ही नहीं, बल्कि दुनिया भर का छोटा-बड़ा व्यापारी भी आर्थिक रूप से हताश हो रहा है। उन्होंने कामना की कि बाबा महादेव की कृपा सभी राष्ट्रों पर बनी रहे और मानवता की रक्षा के लिए शांति स्थापित हो।
नवाबी दौर की बंदिशें टूटी, जीवंत हुई परंपरा
पंडित मिश्रा ने सीहोर प्राचीन नाम सिद्धपुर के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में सीवन नदी के तट पर 108 शिव मंदिर थे, जहां भक्त गुलाल और जल से होली मनाते थे। नवाबों के आने के बाद इस प्राचीन परंपरा को बदलकर अपने सामने होली खिलाना शुरू कर दिया गया था। अब महादेव की होली के माध्यम से इसी सदियों पुरानी परंपरा को दोबारा जीवित किया गया है, ताकि लोग मंदिर जाकर सात्विक रूप से त्योहार मनाएं।
भक्ति का रंग सबसे ऊपर
जगत को संदेश देते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि दुनिया के तमाम रंगों के बीच महादेव की भक्ति का रंग अजर-अमर है। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे दिखावे से दूर रहकर निराकार शिव के चरणों में एक लोटा जल और गुलाल अर्पित कर अपनी होली को सार्थक बनाएं।


