इसी महीने हाऊसिंग बोर्ड तो जुलाई में शुरू हो जाएगा फंदा आरओबी…

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Sehore News: सीहोर। भोपाल-इंदौर हाईवे पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों राहत भरी खबर है। पिछले कई महीनों से अधर में लटके हाउसिंग बोर्ड और फंदा रेलवे ओवरब्रिज का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। ब्रिज कॉर्पोरेशन की नई समय-सीमा के अनुसार इसी जून महीने के अंत तक हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज और आगामी जुलाई महीने में फंदा ओवरब्रिज पर ट्रैफिक का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
बता दें इन दोनों महत्वपूर्ण ओवरब्रिज का काम करीब 80 प्रतिशत पहले ही पूरा हो चुका था और ब्रिज कॉर्पोरेशन ने नए साल 2026 के पहले महीने यानी जनवरी में इसे शुरू करने का दावा किया था। लेकिन ऐन वक्त पर अंतरराष्ट्रीय हालातों का असर सीहोर के विकास कार्यों पर पड़ा। दरअसल ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से निर्माण कार्य के लिए बेहद जरूरी डामर की सप्लाई रुक गई, जिससे डामरीकरण का काम पूरी तरह ठप हो गया। इस संकट के कारण यह प्रोजेक्ट अपने तय समय से करीब 4 महीने लेट हो गया।
बाईपास का लंबा चक्कर काटने को मजबूर जनता
सीहोर और राजधानी भोपाल के बीच प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना होता है। वर्तमान में इन ब्रिजों का काम अधूरा होने के कारण मुख्य मार्ग बंद है। ऐसे में शहरवासियों को भोपाल जाने के लिए सैकड़ाखेड़ी होते हुए बाईपास के जरिए इंदौर-भोपाल हाईवे का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों ज्यादा खर्च हो रहा है।
दो ब्रिजों की वस्तु स्थिति
हाउसिंग बोर्ड ओवरब्रिज
लागत: 28 करोड़
लंबाई व चौड़ाई: 700 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा।
संरचना: इसमें कुल 24 पिलर बनाए गए हैं और इसकी ऊंचाई रेलवे ट्रैक से 7.30 मीटर है।
डिजाइन पर विवाद: भोपाल के ऐशबाग ब्रिज की तर्ज पर नीचे उतरते समय निजी भूमि आने के कारण इसमें एक कर्व (मोड़) दिया गया है। स्थानीय रहवासियों ने निर्माण के दौरान दोनों तरफ पर्याप्त एप्रोच और सर्विस रोड न होने को लेकर आपत्ति भी जताई थी।
फंदा रेलवे ओवरब्रिज
लागत: 29 करोड़
लंबाई व चौड़ाई: 700 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा।
संरचना: इसमें 21 पिलर तैयार किए गए हैं।
हादसों पर लगेगा विराम
बता दें भोपाल-रतलाम रेलवे ट्रैक के फाटक क्रमांक 104, 107 और 108 पर कुल 82 करोड़ की लागत से स्वीकृत हुए इस प्रोजेक्ट के तहत काम काफी तेजी से चला है। सबसे खास बात यह रही कि निर्माण एजेंसी ने यातायात को पूरी तरह बंद किए बिना साइड में एप्रोच रोड बनाकर काम को आगे बढ़ाया ताकि लोगों को परेशानी न हो। इन ब्रिजों के चालू होने से पटरी पार करते समय आए दिन होने वाले हादसों पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी। लंबे समय तक टेंडर और एग्रीमेंट की प्रक्रियाओं में उलझा यह काम अब अपनी अंतिम फिनिशिंग की ओर है।
जून महीने में होगा शुभारंभ
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डामर न मिल पाने से काम प्रभावित हुआ था। लेकिन अब रुकावटें दूर हो चुकी हैं। जून महीने के अंत तक हाउसिंग बोर्ड स्थित ओवरब्रिज का शुभारंभ कर दिया जाएगा, जबकि जुलाई महीने में फंदा ओवरब्रिज पर भी सुचारू रूप से ट्रैफिक शुरू हो जाएगा।
कैलाश वर्मा सब इंजीनियर ब्रिज कॉर्पोरेशन, भोपाल