Sehore: सीहोर तक आई ईरान-इजराइल युद्ध की आंच…

11 sehore photo 04

सीहोर। सात समंदर पार छिड़े ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब आपके शहर और रसोई तक पहुंच गया है। वैश्विक युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों के आयात में आ रही बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इसका सीधा असर सीहोर जिले की होटल, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और आगामी शादियों के सीजन पर पडऩे लगा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही सुरक्षित रखी जाएगी।
जिला आपूर्ति अधिकारी रेशमा भामोर ने बताया कि नए सरकारी निर्देशों के तहत अब जिले के किसी भी होटल, मॉल, औद्योगिक क्षेत्र या फैक्ट्रियों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं की जाएगी। हालांकि मानवीय दृष्टिकोण से अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को इस पाबंदी से मुक्त रखा गया है। खाद्य विभाग ने बड़े व्यवसायियों और कैटरर्स को सलाह दी है कि वे अपनी जरूरतों के लिए बिजली, कोयला या अन्य वैकल्पिक ईंधनों का सहारा लें।
आम जनता के लिए 25 दिन का नियम
घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाजार में अफरा तफरा रोकने के लिए प्रशासन ने वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है, जिसमें अब कोई भी उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के कम से कम 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर पाएगा। इस नियम का मकसद गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाना है, ताकि हर परिवार को नियमित रूप से गैस मिलती रहे।
शादियों के घर में बढ़ी टेंशन
युद्ध के इस असर ने उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है जिनके यहाँ शादियां हैं। कैटरर्स का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से खाना बनाने में भारी दिक्कत आएगी। अकेले क्षेत्र में आने वाले 20 दिनों में सैकड़ों शादियां होनी हैं, ऐसे में यह स्थिति किसी इमरजेंसी जैसी नजर आ रही है।
प्रशासन की अपील, अफवाहों पर न दें ध्यान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यह व्यवस्था केवल इसलिए की गई है ताकि आपूर्ति श्रृंखला बनी रहे और आम नागरिक को कोई समस्या न हो। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट में न आएं और न ही अफवाहों पर भरोसा करें।