Sehore News: सीहोर। राजनीति में ऊंचे मुकाम हासिल करने के बावजूद अपनी जड़ों और पैतृक गांव की मिट्टी से जुड़ाव क्या होता है, इसकी बानगी वरिष्ठ नेता लोकेंद्र मेवाड़ा के संस्मरण में देखने को मिली। इछावर विधानसभा के ग्राम झागरिया बिलकिसगंज को अपना पैतृक निवास बताने वाले मेवाड़ा परिवार का इस क्षेत्र से पीढिय़ों पुराना नाता है।
वरिष्ठ नेता लोकेंद्र मेवाड़ा ने सोशल मीडिया पर अपने पैतृक गांव के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाल ही में वे एक कथा के समापन अवसर पर झागरिया पहुंचे थे। इस दौरान वे अपने बचपन की यादों को ताजा करने गांव के पुराने हेमराज काकाजी के हेयर कटिंग सैलून पहुंचे उन्होंने भावुक होकर लिखा कि 60 वर्षों से इस दुकान का स्वरूप वैसा ही है जैसा मैंने होश संभालने पर देखा था। बदला है तो बस इतना कि अब स्वर्गवासी हेमराज काकाजी के स्थान पर उनके पुत्र मनोहर भैया दुकान संभाल रहे हैं।
पीढिय़ों का है कर्मस्थली से जुड़ाव
लोकेंद्र मेवाड़ा ने उल्लेख किया कि झागरिया गांव उनके पिता, दादा और परदादा की जन्म और कर्म स्थली रही है। यही कारण है कि आज भी वे और उनका परिवार गांव की हर छोटी-बड़ी चीज से लगाव रखते हैं। उन्होंने अपने साथियों के साथ पुरानी यादों को ताजा किया और गांव वालों को संदेश दिया कि अपनी जड़ों को खोजने में जो खुशी मिलती है, वह अद्वितीय है। लोकेंद्र मेवाड़ा ने अपनी पोस्ट के अंत में सभी से आग्रह किया कि समय-समय पर अपनी पुरानी यादों और पैतृक स्थानों पर जरूर जाएं। इससे न केवल आत्मिक सुख मिलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी अपने इतिहास और संस्कारों की जानकारी मिलती है।
राजनीति में रसूखदार है यह परिवार
बता दें कि मेवाड़ा परिवार इछावर और सीहोर की राजनीति में बड़ा रसूख रखता है। लोकेंद्र मेवाड़ा के भाई नरेश मेवाड़ा वर्तमान में भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं और सीहोर नगर पालिका के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वहीं उनके पिता भी विधायक के रूप में क्षेत्र की सेवा कर चुके हैं।


