Sehore: दोराहा थाने में पदस्थ आरक्षक ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट छोड़ा

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सीहोर। दोराहा थाने में पदस्थ एक आरक्षक द्वारा फांसी ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। आरक्षक किराए के कमरे में रहते थे, जहां फांसी लगाई गई है। आरक्षक द्वारा सुसाइड नोट भी छोड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।
जानकारी के अनुसार आरक्षक जितेंद्र वर्मा दोराहा में एक किराए के कमरे में अकेले रहते थे। आत्महत्या का तरीका बेहद हृदयविदारक था। बताया जा रहा है कि जितेंद्र ने कमरे में रखी गैस की टंकी का उपयोग किया। वे पहले गैस की टंकी पर खड़े हुए, फिर गले में फंदा डाला और अपने पैरों से टंकी को नीचे गिरा दी, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
छोड़ा सुसाइड नोट
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक जांच में आत्महत्या की वजह पैसों का लेन-देन बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
मूल रूप से निपानिया गांव के निवासी थे जितेंद्र
मृतक आरक्षक जितेंद्र वर्मा मूल रूप से मंडी थाने के नजदीकी गांव निपानिया के रहने वाले थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। जितेंद्र की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, वहां मातम पसर गया।
जांच में जुटी पुलिस
दोराहा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा और आरक्षक के मोबाइल कॉल रिकॉड्र्स की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि वे पिछले कुछ दिनों से किन लोगों के संपर्क में थे और क्या उन पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा था।