Sehore: दुआओं के लिए उठे हजारों हाथ, भाईचारे के साथ मनाई जा रही ईद-उल-अजहा

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Sehore News: सीहोर। मुस्लिम समाज का प्रमुख त्योहार ईद-उल-अजहा आज पूरे जिले में पारंपरिक उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया जा रहा है। त्योहार को लेकर पिछले कई दिनों से समाजजनों में खासा उत्साह देखा जा रहा था, जिसकी रौनक आज सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में साफ नजर आई। सबसे पहले सुबह ठीक 6.45 बजे ईदगाह में विशेष नमाज अदा की गई, जहां हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ सजदा किया और देश, प्रदेश व जिले में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए खुदा के हुजूर में हाथ फैलाकर विशेष दुआएं मांगी।
ईदगाह के बाद मस्जिदों में हुई नमाज
सैयद तनवीर अहमद ईदगाह इंतेजामिया कमेटी के मुताबिक तय गाइडलाइन के अनुसार सबसे पहले सुबह 6.45 बजे ईदगाह में नमाज मुकम्मल की गई। इसके बाद शहर की अन्य मस्जिदों में तय समय के अनुसार नमाज पढ़ी गई। नमाज के समापन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
कहां कब पढ़ी गई नमाज
मुख्यालय पर सबसे पहले ईदगाह पर सुबह 06.45 बजे नमाज पढ़ी गई, इसके बाद शहर की विभिन्न मस्जिदों में नमाज पढ़ी, जिसमें जामा कदीम कस्बा में सुबह 07.00 बजे, लाल मस्जिद सुबह 07.00 बजे, पुख्ता मस्जिद सुबह 07.15 बजे, सराय वाली मस्जिद सुबह 07.30 बजे, मोलसरी मस्जिद सुबह 07.30 बजे, एक मीनारा गंज में सुबह 07.45 बजे नमाज पढ़ी गई।
शहर काजी ने दिया स्वच्छता का संदेश
सीहोर के शहर काजी मोहम्मद यूसुफ अंसारी ने इस खास मौके पर समाज को विशेष संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा खूबसूरत देश है जहां हर धर्म के लोग एकता और मिलनसारी के साथ रहते हैं। हमारा शहर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रहा है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ईद खुशियां बांटने का त्योहार है, इसे मिलजुलकर मनाएं। साथ ही उन्होंने स्वच्छता पर जोर देते हुए कहा कि कुर्बानी के बाद जानवर के अनुपयोगी अवशेषों को सडक़ों या खुले में कहीं भी न फेंकें, जिससे किसी दूसरे नागरिक को परेशानी हो। उन्होंने विशेष रूप से हिदायत दी कि कोई भी व्यक्ति कुर्बानी के फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करे।