Sehore: एएनएम खुद लापरवाही का शिकार, मां गायत्री हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत पर भारी बवाल

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सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित मां गायत्री हॉस्पिटल में सोमवार को उस समय चीख-पुकार और हंगामा मच गया, जब स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारी मयूरी राठौर की प्रसव के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जो हाथ दूसरों का टीकाकरण कर उनकी जान बचाते थे, आज उन्हीं की सांसें एक निजी अस्पताल की चौखट पर थम गईं।
मृतका मयूरी राठौर के पति मनीष राठौर ने बताया कि मयूरी को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया और रात भर वह पूरी तरह ठीक थीं। मनीष का आरोप है कि सुबह 9.30 बजे तक मेरी पत्नी बिल्कुल स्वस्थ थी। लेकिन उसके कुछ ही देर बाद डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया और महज 5-7 मिनट के भीतर उसकी तबीयत बिगडऩे लगी। देखते ही देखते मयूरी ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति बिगडऩे पर उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और न ही मृतका से मिलने दिया गया।
एएनएम थीं मयूरी
मयूरी राठौर खुद स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर तैनात थीं। एक स्वास्थ्य कर्मी, जो खुद चिकित्सा प्रक्रियाओं को बेहतर समझती थी, उसके साथ हुई इस अनहोनी ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शायद चाय सांस नली में अटक गई होगी
इस गंभीर मामले में अस्पताल की संचालक डॉ. सुजाता परमार ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। हालांकि उन्होंने मौत का जो कारण बताया है वह चर्चा का विषय बना हुआ है। डॉ. परमार ने कहा ऑपरेशन सफल रहा था और सुबह तक मरीज ठीक था। शायद परिजनों ने 9 बजे उन्हें चाय-पानी दिया होगा, जो उनकी सांस की नली में अटक गया। ऐसा मेरा सोचना है।
तीन डॉक्टरों की टीम ने किया पीएम
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस की निगरानी में तीन डॉक्टरों की टीम ने मयूरी के शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।