पूर्व विधायक में समाई पटवारी की आत्मा, सालों बाद याद आए पुराने तेवर

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Sehore News: सीहोर। इछावर विधानसभा के पूर्व कांग्रेस विधायक शैलेंद्र पटेल के गुरुवार को बदले-बदले से तेवर देखकर लोगों को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की याद आ गई। जैसे जीतू पटवारी आक्रामक अंदाज में जमीन पर उतरकर राजनीति करते हैं, कुछ वैसा ही नजारा इछावर में देखने को मिला। सूबे के राजस्व मंत्री और क्षेत्र के 8 बार के वरिष्ठ विधायक करण सिंह वर्मा के गृह नगर में प्री-मानसून की पहली ही बारिश ने जब नगर परिषद के दावों की पोल खोली तो सालों बाद पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल अपने पुराने और चिर-परिचित अंदाज में मैदान में नजर आए। उन्होंने न सिर्फ कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया, बल्कि खुद घुटने तक गहरे गंदे नाले में उतरकर सफाई शुरू कर दी।
बता दें इछावर की राजनीति को करीब से जानने वाले लोग अच्छी तरह जानते हैं कि विधायक बनने से पहले शैलेंद्र पटेल इसी तरह के अनूठे और जमीन से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। वे कभी खराब सडक़ों के गड्ढों में भरे पानी में प्रशासन से मछली पालन की अनुमति मांगते थे, तो कभी उन्हीं गड्ढों में नाव चलाने की इजाजत मांगकर तत्कालीन सरकार को पानी-पानी कर देते थे। उनके इसी आक्रामक तेवर की बदौलत उन्होंने जिले के सबसे सीनियर नेता करण सिंह वर्मा की जीत का रथ रोककर विधायकी हासिल की थी।
जीत के बाद जो मुद्दे भूले
सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुनाव जीतने के बाद शैलेंद्र पटेल इन स्थानीय और जमीनी मुद्दों को कहीं भूल से गए थे। नतीजा यह रहा कि उन्हें पिछले दो चुनावों में लगातार पराजय का सामना करना पड़ा। लेकिन लंबे अर्से बाद गुरुवार को जब वे इछावर की बदहाल सफाई व्यवस्था के खिलाफ नाले में उतरे तो उन्होंने साबित कर दिया कि उनके भीतर का पुराना आंदोलनकारी नेता अभी जिंदा है। इस प्रदर्शन ने न केवल मोहन यादव सरकार के राजस्व मंत्री के क्षेत्र की पोल खोली, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की सुर्खियों में अपनी जगह बना ली।
कचरा गाड़ी में भरकर पहुंचे नगर परिषद
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाले से निकाली गई पूरी गंदगी और कीचड़ को एक वाहन में भरा और सीधे नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। प्रशासन की कुंभकर्णी नींद को तोडऩे के लिए कार्यकर्ताओं ने वह सारा बदबूदार कचरा कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर डंप कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
जनता के टैक्स से वेतन पाते हैं अधिकारी
मुख्य नगरपालिका अधिकारी को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि अधिकारी यह न भूलें कि वे जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाले शासकीय सेवक हैं। इछावर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने मांग की कि नगर के सभी अधूरे निर्माण कार्य जल्द पूरे हों और नालों की नियमित सफाई हो, वरना आंदोलन और उग्र होगा।
हल्की बारिश में नरक बना वार्ड 15
स्थानीय पार्षद जुनैद खान और जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने बताया कि वार्ड क्रमांक 15 सहित आसपास के इलाकों में लंबे समय से सफाई ठप है। हल्की बारिश में ही नाले उफान पर आ जाते हैं और गंदा पानी घरों में घुस जाता है। कई बार ज्ञापन देने के बाद भी जब नगर परिषद नहीं जागी तो कांग्रेस को यह कदम उठाना पड़ा।