Sehore News: सीहोर। देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने को लेकर मचे घमासान के बीच अब सीहोर की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ आ गया है। इस राष्ट्रीय मुद्दे पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को घेरने उतरी जिला कांग्रेस कमेटी को वर्तमान भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की याद आ गई है। कांग्रेस ने उनकी राजनैतिक शुचिता और नैतिकता का हवाला देकर वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला है।
छात्रों के समर्थन में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। यह आक्रोश मार्च जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व और पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह ठाकुर की विशेष उपस्थिति में स्थानीय कोतवाली चौराहे से शुरू हुआए जो शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ लिसा टॉकीज चौराहे पर जाकर संपन्न हुआ।
एक वह दौर था जब नैतिकता पर इस्तीफे होते थे
मशाल जुलूस के बाद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वर्गीय पिता और पूर्व रेल मंत्री माधवराव सिंधिया के दौर का उदाहरण दिया।
श्री गुजराती ने कहा एक वह दौर था, जब देश में रेल हादसा हुआ था तो तत्कालीन रेल मंत्री माधवराव सिंधिया ने तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति में ईमानदारी की एक बड़ी मिसाल पेश की थी। लेकिन आज उन्हीं के बेटे की पार्टी की सरकार में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक हो गया, जिसमें कथित तौर पर सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, फिर भी कोई जिम्मेदारी लेने या इस्तीफा देने को तैयार नहीं है। गुजराती ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में लगभग 89 पेपर लीक हो चुके हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ी हैं, जो छात्रों के साथ क्रूर मजाक है।
कर्ज के बोझ तले दबे माता-पिता
प्रदर्शन में विशेष रूप से शामिल हुए पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस साल देश के करीब 22 लाख छात्रों ने डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन-रात एक करके नीट की पढ़ाई की थी। गरीब और मध्यमवर्गीय माता-पिता ने अपनी गाढ़ी कमाई, यहां तक कि कर्ज लेकर बच्चों को महंगी कोचिंग कराई थी। लेकिन पेपर लीक माफियाओं और सरकार की नाकामी ने एक झटके में इन लाखों परिवारों के सपनों को तबाह कर दिया है। कांग्रेस मांग करती है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाए।
मशाल थामे सडक़ों पर उतरे सैकड़ों कांग्रेसी
भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ निकाले गए इस मशाल जुलूस में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां थामे और गगनभेदी नारेबाजी करते हुए शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से विवेक राठौर, घनश्याम यादव, महेश दयाल चौरसिया, ओम वर्मा, रमेश गुप्ता, राजेंद्र वर्मा, प्रीतम दयाल चौरसिया, हरीश राठौर, इरफान लाला, गुलाब बाई ठाकुर, राकेश वर्मा, नरेंद्र खंगराले, निशांत वर्मा, दिनेश पटेल, हर्षदीप राठौर, तारा यादव, अशरफ अली, संतोष मालवीय, कमलेश चांडक, बृजेश पाटीदार, मनीष मेवाड़ा, हरिओम सिसोदिया, राहुल ठाकुर, मोनू शर्मा, मुस्तफा अंजुम, संतोष पटेल, अंकुर विश्वकर्मा, केके रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, अभिजीत परमार, हिमांशु मालवीय, जितेंद्र परमार, दिव्यांश मालवीय, सुयश तोमर, तनिष्क त्यागी, अंकुर ठाकुर, यश यादव, मनोज परमार, घनश्याम मीणा, अरविन्द ठाकुर, संतोष राजपूत, घनश्याम जांगड़ा, सुरेश ठाकुर, नितिन उपाध्याय, राहुल गोस्वामी, मुनव्वर मामू, देवी सिंह तंवर, पवन गुर्जर, तीरथ सिंह सरपंच और हिरदेश सिंह मझेड़ा सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।


