सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारियों के बीच पंजीयन के आंकड़ों ने सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अब तक पंजीयन रेस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह जिला उज्जैन पूरे प्रदेश में अव्वल आया है, जबकि केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रभाव वाले सीहोर जिले ने दूसरा स्थान हासिल कर अपनी धाक जमाई है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक प्रदेश के 12.04 लाख से अधिक किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
नंबर 1: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जिला उज्जैन, जहां 95 हजार 821 किसानों ने पंजीयन कराया है।
नंबर 2: केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र सीहोर जो 80 हजार 36 पंजीयन के साथ प्रदेश में दूसरे पायदान पर है।
इन दोनों जिलों के अलावा राजगढ़ 65 हजार 29, विदिशा 62 हजार 996 और नर्मदापुरम 53 हजार 86 भी दौड़ में काफी आगे चल रहे हैं।
10 मार्च तक बढ़ी तारीख
किसानों के भारी उत्साह को देखते हुए सरकार ने पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। इसके साथ ही मोहन सरकार ने अन्नदाताओं के लिए खुशियों का पिटारा खोलते हुए 40 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस का ऐलान किया है। अब मध्य प्रदेश के किसानों को गेहूं का कुल भाव 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा।
पंजीयन के लिए दोहरी व्यवस्था
किसानों की सहूलियत के लिए सरकार ने मुफ्त और सशुल्क दोनों व्यवस्थाएं लागू की हैं। किसान ग्राम पंचायत, जनपद और तहसील कार्यालयों में नि:शुल्क पंजीयन करा सकते हैं। वहीं एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर और निजी साइबर कैफे पर निर्धारित शुल्क देकर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।


