सीहोर। जिले के इछावर विधानसभा क्षेत्र में नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना में शामिल न किए जाने को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी अब उग्र रूप लेने लगी है। शनिवार को ग्राम दुदलाई में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजली कंपनी के कर्मचारियों और ठेकेदार के दल को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित किसानों ने न केवल मीटर लगाने से साफ मना कर दिया, बल्कि नारेबाजी करते हुए टीम को गांव से बाहर खदेड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना की पाइपलाइन उनके गांवों के बिल्कुल सामने से निकल रही है, लेकिन इसके बावजूद उनके गांवों को योजना में शामिल नहीं किया गया। पिछले 4 वर्षों से किसान नेताओं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों का तर्क है कि यदि यह योजना उनके क्षेत्र में आती तो सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता, जिससे खेती का रकबा बढ़ता और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुधरती।
दिग्गज नेताओं के क्षेत्रों में अनदेखी से नाराजगी
दुदलाई के किसान लाड़सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने सीधे तौर पर जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा क्षेत्र के सांसद स्वयं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं और यह विधानसभा क्षेत्र प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का है। हम कई बार दोनों बड़े नेताओं से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिलता है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक पानी नहीं मिलेगा, तब तक गांव के किसी भी घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।
इन 12 गांवों में आक्रोश, चुनाव बहिष्कार का ऐलान
परियोजना से छूटे गए गांवों में दुदलाई, दौलतपुर, रूगनाथपुरा, रूपदी, रूपादेह, गादिया, बोदरीखुर्द, डूण्डलावा, बावडिय़ागौसाई, लालियाखेड़ी, कुण्डीखाल और हरसपुर शामिल हैं। इन गांवों के लोगों ने एकजुट होकर आगामी चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि जब हमारी बुनियादी मांग ‘पानी’ ही पूरी नहीं हो रही तो मतदान करने का कोई अर्थ नहीं है।


