आग का गोला बनी गेहूं से भरी ट्राली, किसान की साल भर की मेहनत राख

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सीहोर। जिले में इन दिनों गेहूं की कटाई का सीजन पूरे जोर शोर से जारी है, लेकिन यही सीजन किसानों के लिए आफत का सबब भी बन रहा है। सीहोर के समीपस्थ ग्राम भाऊखेड़ी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बिजली के लटकते तारों की चिंगारी ने एक किसान की साल भर की गाढ़ी कमाई को चंद मिनटों में खाक कर दिया। यहां गेहूं की फसल से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली बिजली के तारों की चपेट में आने से आग का गोला बन गई।
जानकारी के अनुसार किसान अपने खेत से गेहूं की कटाई कर फसल को ट्राली में भरकर थ्रेसिंग के लिए खलिहान की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में झूल रहे बिजली के नीचे तारों से ट्राली का ऊपरी हिस्सा टकरा गया। टक्कर होते ही जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ और सूखी फसल ने तत्काल आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी ट्राली आग की लपटों में घिर गई। राहगीरों और ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन जब तक आग पर काबू पाने की कोशिश की जाती, तब तक ट्राली में रखा कीमती गेहूं जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया।
आफत बने लटकते तार
इन दिनों सीहोर जिला मुख्यालय सहित बुदनी, आष्टा, इछावर और रेहटी जैसे ग्रामीण अंचलों में गेहूं कटाई और परिवहन का दौर जोरों पर है। किसान खेतों से फसल काटकर उसे सुरक्षित स्थानों तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रालियों का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के ढीले और नीचे लटकते तार किसानों के लिए काल बन रहे हैं। भाऊखेड़ी की इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
संकट में अन्नदाता, मुआवजे की मांग
इस अग्निकांड ने पीडि़त किसान के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। साल भर पसीना बहाकर तैयार की गई फसल के नष्ट होने से किसान टूट गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना का मौका मुआयना कर पीडि़त किसान को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएं कि कटाई के इस सीजन में ढीले तारों को तुरंत कसा जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।