@सीहोर। मध्य प्रदेश की सबसे हाई-प्रोफाइल और वीवीआईपी विधानसभा सीटों में शुमार बुधनी के शासकीय सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। साल 2003 से लगातार भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रही इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करीब 18 साल तक प्रदेश की कमान संभाल चुके हैं। इसके बावजूद बुधनी सिविल अस्पताल की मर्चुरी में एक शव को सुरक्षित रखने तक के बुनियादी संसाधन मौजूद नहीं हैं।
हाल ही में कार्तिकेय पार्क के समीप रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से करीब 65 वर्षीय अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। घटना के बाद जीआरपी पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को पंचनामे के लिए बुधनी सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन अस्पताल की मर्चुरी में शव को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर या पर्याप्त शीतलन व्यवस्था ठप मिली। मजबूरन जीआरपी पुलिस को खुद अपने स्तर पर बाहर से आइस बॉक्स और बर्फ का इंतजाम करना पड़ा, तब जाकर शव को सुरक्षित रखा जा सका।
पहले भी उठ चुकी है सड़ांध, नहीं सुधरे हालात
अस्पताल प्रबंधन की यह लापरवाही नई नहीं है। इससे पहले भी रेल हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को रखने के लिए परिजनों और पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी है। पूर्व में मर्चुरी का फ्रीजर खराब होने के कारण शवों के सडऩे और उनसे तीखी दुर्गंध आने की गंभीर शिकायतें आ चुकी हैं। मीडिया द्वारा बार-बार मुद्दा उठाए जाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने स्थायी सुधार करने की जहमत नहीं उठाई।
जिम्मेदार अधिकारी ने झाड़ा पल्ला
बुधनी सिविल अस्पताल में मरीजों के इलाज की बदहाली की खबरें तो अक्सर आती रहती हैं, लेकिन अब मृतकों के सम्मान से जुड़े इस बुनियादी इंतजाम पर भी ताला लगा दिख रहा है। नागरिकों का कहना है कि जब एक सरकारी अस्पताल में शव सुरक्षित रखने के लिए पुलिस को बर्फ खरीदनी पड़े तो आम मरीजों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
इस अव्यवस्था को लेकर जब मीडिया ने बुधनी के सीबीएमओ डॉ. डी. बड़ोदिया से सवाल पूछे तो उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों का हवाला देते हुए सीधा अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
राजनीतिक इतिहास बेहद कद्दावर
2003: बीजेपी के राजेंद्र सिंह राजपूत विधायक बने।
2005-2023: शिवराज सिंह चौहान सीएम बने और 2006 उपचुनाव से लगातार 2023 तक विधायक रहे।
वर्तमान स्थिति: शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय सीट जिसमें बुधनी शामिल है, से सांसद और केंद्र में कृषि मंत्री हैं, जबकि उपचुनाव के बाद रमाकांत भार्गव वर्तमान विधायक हैं।
इतने लंबे समय तक सत्ता के केंद्र में रहने के बावजूद इस क्षेत्र के मुख्य अस्पताल की यह दुर्दशा प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल जीआरपी पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वृद्ध की पहचान और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन जनता का सवाल यही है… आखिर कब तक बुधनी में शवों को बर्फ के भरोसे छोड़ा जाएगा।


