Sehore News: सीहोर। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत लगभग 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। अपनी मांगों को लेकर अड़े कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। हड़ताल के सातवें दिन बस स्टैंड के पास टाउन हॉल स्थित धरना स्थल पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने भैंस के आगे बीन बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का तत्काल निराकरण नहीं हुआ तो आगामी 11 जून को प्रदेशभर के 32 हजार कर्मचारी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का महाघेराव करेंगे।
बता दें भीषण और तपती गर्मी के बावजूद संविदा कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक महीने पहले ही चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की शुरुआत की थी। सबसे पहले काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया, इसके बाद मंत्रियों और आला अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए। जब शासन ने सुध नहीं ली तो मजबूरन 2 जून से सभी संविदा कर्मचारियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के सरकारी कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया।
ये हैं संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- – गलत तरीके से किए गए वेतन निर्धारण को तुरंत सुधारा जाए।
- – नियमित कर्मचारियों की तरह ही संविदा कर्मियों को भी समान कार्य के लिए समान वेतन, एनपीएस, महंगाई भत्ता और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाए।
- – सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उनका बकाया पीबीआई प्रदान किया जाए।
- – जब तक समान वेतन लागू नहीं होता, तब तक सार्थक ऐप के जरिए ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था को पूरी तरह बंद किया जाए।
11 जून को भोपाल में ठप होगा चक्काजाम
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अब यह लड़ाई आर पार की है। अगर 10 जून तक सरकार उनकी सुध नहीं लेती है तो 11 जून को मध्य प्रदेश के कोने-कोने से हजारों स्वास्थ्य कर्मी भोपाल कूच करेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि इस उग्र आंदोलन के कारण यदि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त होती हैं तो उसकी शत प्रतिशत जिम्मेदारी मध्य प्रदेश शासन और एनएचएम प्रशासन की होगी।


