Sehore News: सीहोर। जिले में जल संकट को लेकर महिलाओं का आंदोलन अब उग्र रूप ले रहा है। लगातार चौथे दिन मानपुरा, जामिनी, अमरूद और पचामा गांव की महिलाएं सडक़ों पर हैं। इस बार महिलाओं ने पीएचई विभाग के अधिकारी का पुतला बनाकर हैंडपंप से बांध दिया और एक पुतला पेड़ पर टांगकर विरोध जताया।
नलकूप खनन की मांग को लेकर महिलाएं 4 दिन से प्रदर्शन कर रही हैं। कहीं सूखे हैंडपंप से पुतला बांधा गया तो कहीं गांव में पेड़ से पीएचई अधिकारी का पुतला टांग दिया गया। तख्तियां लेकर खड़ी महिलाओं ने कहा कि जब तक बोर नहीं होगा, प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
आदेश के बाद भी काम नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि एक-डेढ़ महीने से नलकूप की मांग की जा रही है। किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के सरपंच और किसान भोपाल जाकर मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, पीएचई मंत्री और सीहोर की प्रभारी मंत्री से मिले थे। सभी ने जिला प्रशासन और विभाग को आदेश-निर्देश दिए, लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी पालन नहीं हुआ।
15 दिन पहले दिया था कलेक्ट्रेट में ज्ञापन
आदेशों पर अमल न होने से परेशान महिलाओं ने 15 दिन पहले कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। मांग की थी कि गांवों में जल संकट दूर किया जाए। इसके बाद भी सुनवाई न होने पर 4 दिन से रेगुलर प्रदर्शन चल रहा है।
मटका फोड़ से पुतला बांधने तक पहुंचा आंदोलन
पहले महिलाओं ने मटका फोड़ कार्यक्रम किया, फिर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। अब आक्रोश इतना बढ़ा कि पीएचई अधिकारी का पुतला बनाकर हैंडपंप और पेड़ से बांध दिया गया। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत बोर नहीं कराए गए तो आंदोलन और उग्र होगा।


