Sehore: सीहोर भाजपा में अपनों से तकरार…

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Sehore News: सीहोर। मध्य प्रदेश की सियासत का केंद्र कहे जाने वाले सीहोर जिले में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी अब सतह पर आती दिख रही है। जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का परचम लहराने के बावजूद संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी उजागर हुई है। हाल ही में हुई एक संगठनात्मक नियुक्ति को लेकर एक विधायक की नाराजगी ने जिले के सियासी पारे को गरमा दिया है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में जिले में एक महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति की गई है। इस नियुक्ति को लेकर क्षेत्रीय विधायक ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधायक जी का तर्क है कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र में नियुक्ति कर दी गई और उन्हें विश्वास में लेना तो दूर उनसे औपचारिक चर्चा तक नहीं की गई। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वे कर रहे हैं, वहां संगठन के फैसलों में जनप्रतिनिधि की राय की अनदेखी करना संसदीय और सांगठनिक मर्यादा के खिलाफ है।
कार्यालय से बाहर आई चर्चा
बता दें सीहोर जिला भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां की चारों सीटों पर भाजपा के दिग्गज काबिज हैं। सीहोर विधानसभा सीट से सुदेश राय विधायक हैं, जबकि इछावर से करण सिंह वर्मा जो, मोहन सरकार में राजस्व मंत्री हैं। आष्टा से गोपाल सिंह इंजीनियर और बुदनी से रमाकांत भार्गव विधायक हैं। एक तरफ जहां भाजपा सबका साथ-सबका विकास और संगठन की मजबूती की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विधायक की यह नाराजगी बताती है कि ऊपर से शांत दिखने वाले इस जिले में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इधर जैसे नियुक्ति पर मुहर लगी, वैसे ही ही विधायक जी की नाराजगी बंद दिवारों से बाहर आ गई और चर्चाएं चल पड़ी। हालांकि यह चर्चा भी अपनों के द्वारा ही सार्वजनिक की जा रही है।