Sehore News : सीहोर। इस बार ईद के मौके पर सियासत के कुछ अलग ही रंग देखने को मिले। एक तरफ जहां ईदगाह में गले मिलने की पुरानी रिवायत दिखी, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के व्यवहार ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
ईद के मौके पर इस बार शहर की राजनीति दो हिस्सों में बटी नजर आई। जहां एक विशेष दल के नेता सुबह-सुबह ईदगाह पहुंचे और मुस्लिम भाइयों को गले लगकर मुबारकबाद दी, वहीं दूसरी बड़ी पार्टी के नेताओं ने इस साल ईदगाह से दूरी बनाए रखी। नेताओं की यह गैर मौजूदगी शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
सोशल मीडिया पर ‘खामोशी’
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात सोशल मीडिया पर देखने को मिली। आमतौर पर जो जनप्रतिनिधि मुंडन, रसोई, शादी-ब्याह और दुकानों के उद्घाटन तक की तस्वीरें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने का कोई मौका नहीं छोड़ते, उन्होंने ईद के फोटो से परहेज किया।
ईदगाह पहुंचे नेताओं ने लोगों से मिलकर बधाई तो दी, लेकिन अपनी आधिकारिक आईडी या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर एक भी तस्वीर साझा नहीं की। नेताओं द्वारा बरती गई यह ‘सोशल दूरी’ अब आम चर्चा का कारण बन गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हर छोटे कार्यक्रम का प्रचार करने वाले नेता ईद की मुबारकबाद वाली तस्वीरों को सार्वजनिक करने से क्यों कतराए।


