विधायक जी की पीड़ा का फायदा उठा रहे माफिया!

ramakan bargav

सीहोर। राजनीति में जब जन प्रतिनिधियों की बात अनसुनी होने लगे, तो उसका सीधा फायदा माफिया उठाने लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों जिले में देखने को मिल रहा है। हाल ही में बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव ने जिला मुख्यालय पर आयोजित दिशा की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने अपना दर्द छलकाया था कि अधिकारी उनका फोन तक नहीं उठाते। विधायक जी की इसी पीड़ा का फायदा अब माफिया बखूबी उठा रहे हैं।
बता दें माफियाओं के बीच यह संदेश स्पष्ट चला गया है कि जब क्षेत्र के विधायक जी की ही अफसर नहीं सुन रहे तो उन पर कार्रवाई कौन करेगा। इसी का नतीजा है कि नर्मदा और कोलार नदी के पवित्र संगम तट पर आस्था के बजाय अवैध उत्खनन का नाच चल रहा है। नीलकंठ और संगम घाट के पास बड़े पैमाने पर पीली मिट्टी की अवैध खुदाई जारी है। जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए दिन-रात धरती का सीना चीरा जा रहा है, लेकिन खनिज विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा।
नियम ताक पर, भविष्य खतरे में
नियमों के मुताबिक मिट्टी खनन के लिए खनिज विभाग की अनुमति अनिवार्य है और 2 मीटर से अधिक गहराई तक खुदाई करना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद संगम क्षेत्र में माफिया नियमों को ठेंगे पर रखकर गहरी खुदाई कर रहे हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि तटों के पास हो रही इस खुदाई से नर्मदा के किनारे कमजोर हो रहे हैं, जिससे आगामी वर्षा ऋतु में भीषण भूमि कटाव हो सकता है और किसानों के खेत जलमग्न हो सकते हैं।
खनिज विभाग की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि यह अवैध कारोबार आम जनता को तो साफ नजर आ रहा है, लेकिन खनिज विभाग इससे अनजान बना बैठा है। ग्रामीणों के मन में अब यह सवाल घर कर गया है कि क्या इस अवैध खेल को विभाग का मौन संरक्षण प्राप्त है, क्या खनिज माफियाओं के रसूख के आगे सब नतमस्तक हो चुके हैं। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो क्षेत्र के भूजल स्तर और जलीय जीवन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।