Sehore News: सीहोर। इंदौर की बृजेश्वरी ऐनेक्स कॉलोनी में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक कार में शॉर्ट सर्किट से भडक़ी आग और उसमें हुई 8 लोगों की मौत की खबर ने सीहोर के ई.व्हीकल चालकों को दहला दिया है। जिले में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों के बाजार के बीच अब लोग अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
शहर के कई इलाकों में लोग घरों के अंदर या बरामदे में गाडिय़ां चार्ज करते हैं, लेकिन इंदौर हादसे के बाद अब चार्जिंग पॉइंट की वायरिंग और बैटरी की सेहत को लेकर डर का माहौल है।
इन नियमों का पालन करें
ऑटोमोबाइल एक्सपट्र्स के अनुसार ईवी कारें खतरनाक नहीं हैं, बशर्ते उन्हें तय मानकों के अनुसार उपयोग किया जाए। सुरक्षा के कुछ कड़े मापदंड साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर हादसों से बचा जा सकता है।
सफर से आते ही चार्जिंग पर न लगाएं
लॉन्ग ड्राइव या धूप में चलने के बाद बैटरी पहले से ही गर्म होती है। कार या बाइक को घर लाने के तुरंत बाद चार्जिंग पर न लगाएं। कम से कम 2-3 घंटे का रेस्ट दें ताकि बैटरी ठंडी हो जाए।
फास्ट चार्जर से बचें
रात भर चार्जिंग के लिए हमेशा नॉर्मल चार्जर का ही उपयोग करें। फास्ट चार्जर बैटरी को तेजी से गर्म करता है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
100 प्रतिशत चार्जिंग की जिद छोड़ें
बैटरी को हमेशा 100 प्रतिशत चार्ज करने के बजाय 80 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक ही चार्ज करना बेहतर है। यह न केवल बैटरी की लाइफ बढ़ाता है, बल्कि ओवरहीटिंग से भी बचाता है।
वायरिंग और स्टेबलाइजर पर ध्यान दें
- घर का बिजली लोड गाड़ी की जरूरत से ज्यादा होना चाहिए।
- चार्जिंग पॉइंट पर अच्छी क्वालिटी की एमसीबी जरूर लगवाएं।
- वोल्टेज फ्लक्चुएशन से बचने के लिए स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें।
- कभी भी लोकल या घटिया क्वालिटी के तार और चार्जर का उपयोग न करें।
इन 3 बातों का रखें विशेष ध्यान
धूप में चार्जिंग से बचें: गाड़ी को हमेशा छायादार और खुली जगह पर ही चार्ज करें।
लूज कनेक्शन: प्लग और सॉकेट चेक करते रहें, अगर कनेक्शन ढीला है तो स्पार्किंग से आग लग सकती है।
सुरक्षा उपकरण: घर में कम से कम एक अग्निशमन यंत्र जरूर रखें।


