Sehore News : सीहोर। जिले में रसोई गैस सिलेंडरों का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन अब इस किल्लत का सीधा असर स्कूली बच्चों के निवाले पर पडऩे लगा है। शहर के मछलीपुल स्थित एक गैस एजेंसी की सख्ती के कारण आज मंगलवार को ग्राम कोडियाछीतू के शासकीय स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं बन सका। बच्चों को खाली पेट ही परीक्षा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मामला कोडियाछीतू गांव के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कक्षा 1 से 8वीं का है। यहां मध्यान्ह भोजन बनाने की जिम्मेदारी स्थानीय स्व.सहायता समूह के पास है, जिसकी अध्यक्ष लक्ष्मीबाई हैं। समूह के पास गैस खत्म होने के कारण सोमवार सुबह अध्यक्ष का बेटा विनीत मालवीय मछलीपुल स्थित गैस एजेंसी पर स्कूल की गैस टंकी लेने पहुंचा था।
विनीत के अनुसार जब उसने एजेंसी कर्मियों से स्कूल के लिए सिलेंडर मांगा तो उन्होंने साफ मना कर दिया। कर्मचारी ने दो टूक शब्दों में कहा अभी गैस नहीं है, अगर सिलेंडर चाहिए तो कलेक्टर साहब से लिखवाकर ले आओ, तभी टंकी मिलेगी।
भूखे पेट दी परीक्षा
हैरानी की बात यह है कि इन दिनों स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। दूर-दराज से बच्चे सुबह से स्कूल पहुंचते हैं, ताकि पेपर देने के बाद भोजन करके घर जा सकें, लेकिन अब बच्चों के निवाले पर गैस संकट हावी हो गया है।
जिले में गहराता सिलेंडर संकट
यह कोई पहला मामला नहीं है जब सीहोर में गैस सिलेंडर के लिए मारामारी मची हो। पिछले कई दिनों से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी संस्थानों को भी सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। शहर की तीनों ही गैस एजेंसियों पर भीड़ लग रही है।


