सीहोर। ओडि़शां के पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन 16 जुलाई को हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में लगातार 66 वर्षों से निकाली जा रही इस रथ यात्रा को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है। इस बार यह यात्रा और भी भव्य होने वाली है।
आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य तुलसीराम पटेल और पूर्व चल समारोह अध्यक्ष सुरेश गब्बर परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी और सुभद्रा जी की प्रतिमाओं को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रथ पर विराजमान किया जाएगा। यह यात्रा छावनी स्थित प्राचीन जगदीश मंदिर से शुरू होगी। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह यात्रा संजय टॉकीज के पास स्थित स्वर्णकार समाज मंदिर पर जाकर संपन्न होगी।
10 हजार आमंत्रण पत्र का वितरण
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समाजजन पिछले कई दिनों से जुटे हुए हैं। रथ यात्रा के निमंत्रण के लिए अब तक 10 हजार से अधिक आमंत्रण पत्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वितरित किए जा चुके हैं। हाल ही में चल समारोह अध्यक्ष भवर लाल परमार का ग्राम तकीपुर में भव्य स्वागत किया गया, जहां समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं ने यात्रा में शामिल होने का संकल्प लिया। इस दौरान तुलसीराम पटेल, कमल पटेल, मुकेश परमार, विष्णु परमार, शिव परमार सहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
क्यों खास है यह रथ यात्रा
रथ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि श्रद्धालु स्वयं भगवान जगन्नाथ का रथ अपने हाथों से खींचते हैं। ऐसी मान्यता है कि प्रभु का रथ खींचने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। रथ यात्रा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली भजन-कीर्तन मंडलियां अपनी मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। आकर्षक बैंड-बाजे, ढोल, डीजे और धार्मिक झांकियां यात्रा की शोभा बढ़ाएंगी। रथ यात्रा का मार्ग जगह-जगह फूलों से सजाया जाएगा और विभिन्न सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा भगवान का स्वागत और पुष्प वर्षा की जाएगी।
शहर में बना उत्सव का माहौल
पूर्व चल समारोह अध्यक्ष सुरेश गब्बर परमार ने बताया कि यह यात्रा सीहोर की सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। सुबह मंदिर परिसर में विशेष आरती के साथ उत्सव की शुरुआत होगी। इसके बाद प्रभु के नगर भ्रमण के दौरान पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठेगा। आयोजन समिति ने शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।


