#Sehore, सीहोर। जीवन के सफर में जब रिश्तों के धागे टूट जाते हैं और कोई अपना साथ नहीं देता, तब भी ईश्वर किसी न किसी रूप में सहारा बनकर सामने आता है। शहर में नि:स्वार्थ भाव से मानव सेवा और लावारिस शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार का संकल्प लेकर काम कर रही सत्य की ओर समिति ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है। समिति के सेवादार सदस्यों द्वारा फ्रीगंज मंडी निवासी 52 वर्षीय बुजुर्ग महिला स्व. कमलाबाई यादव के पार्थिव शरीर का संपूर्ण हिंदू रीति-रिवाज के साथ मोक्षधाम ले जाकर दाह संस्कार कराया गया।
बता दें निर्धन कमलाबाई यादव के निधन की सूचना मिली तो श्सत्य की ओर समिति के सदस्य बिना किसी देरी के आगे आए। समिति के सदस्यों ने न केवल मृतका के पार्थिव देह को पूरे सम्मान के साथ कंधा दिया, बल्कि मुखाग्नि और अंतिम संस्कार की सभी धार्मिक विधियों को पूरी निष्ठा व श्रद्धा के साथ संपन्न कराया।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
इस पुनीत कार्य में सत्य की ओर समिति अध्यक्ष शंकर सम्राट, श्याम सुंदर मोदी, हरीश अग्रवाल, शैलेंद्र चंदेल, सुनील दुबे, कैलाश अग्रवाल, नंदकिशोर साहू, लकी राजपाल, ऋषि राज शर्मा, कमलेश कटारे, डॉ. नरोलिया और विमल जैन सहित अन्य सेवाभावी नागरिक उपस्थित रहे।
निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बनती समिति
गौरतलब है कि सत्य की ओर समिति पिछले लंबे समय से सीहोर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना किसी भेदभाव या स्वार्थ के ऐसे असहाय, निर्धन और लावारिस लोगों का अंतिम संस्कार कराती आ रही है, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं होता। समिति के सदस्यों का मानना है कि इंसान की मौत के बाद उसकी देह को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना ही सबसे बड़ी मानव सेवा और धर्म है। समिति अब तक कई ऐसे पार्थिव शरीरों को ससम्मान अंतिम विदाई देकर प्रभु चरणों में समर्पित कर चुकी है।


