सीहोर। कोतवाली थाना पुलिस ने जमीन के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी करने वाले एक शातिर दम्पति और उनके संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने ग्राम नोनीखेड़ी स्थित अपनी एक ही भूमि को कई लोगों को बेचकर करीब 1.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। मामले में मुख्य आरोपी दीनदयाल शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
एसपी श्री शुक्ला ने बताया कि आरोपी दीनदयाल शर्मा और उसकी पत्नी वैशाली शर्मा ने ग्राम नोनीखेड़ी गोसाई स्थित अपनी खसरा नंबर 537/04 (रकबा 1.962) हेक्टेयर कृषि भूमि को ठगी का हथियार बनाया। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। गिरोह के दलाल पहले ग्राहकों को फंसाते थे और जैसे ही कोई ग्राहक जमीन देखने आता, गिरोह के ही अन्य सदस्य फर्जी खरीदार बनकर वहां पहुंच जाते थे। ये नकली खरीदार उस जमीन की ऊंची कीमत लगाकर बयाना (टोकन मनी) देने का नाटक करते थे, जिससे असली खरीदार झांसे में आकर जल्दबाजी में मोटी रकम आरोपियों को सौंप देता था।
11 ने की शिकायत, 5 मामलों में एफआईआर दर्ज
इस धोखाधड़ी का शिकार होने वाले अधिकांश लोग भोपाल के रईस और संभ्रांत नागरिक हैं। पुलिस के अनुसार अब तक कुल 11 पीडि़त लिखित शिकायत लेकर सामने आ चुके हैं। शुरुआती जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने 5 आवेदकों की शिकायतों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। शेष 6 शिकायतों पर भी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है, जिन पर जल्द ही अलग से कार्रवाई प्रस्तावित है।
इन प्रमुख लोगों से हुई धोखाधड़ी
दीपक मिश्रा, निवासी महिन्द्रा टाउनशिप बावडिय़ा कलां भोपाल
गुलाब सिंह राठौड़, निवासी आयकर कॉलोनी गुलमोहर भोपाल
जितेन्द्र सिंह, निवासी रक्षा विहार हुजूर भोपाल
दिनेश कुमार सिंह, निवासी एक सिटी खोलो खेड़ी भोपाल
आरएन साहू, निवासी दानिश कुंज भोपाल
टीम वर्क से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन एवं एएसपी सुनीता रावत के मार्गदर्शन में सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा ने दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच की। कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी दीनदयाल शर्मा को दबोच लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि उसकी पत्नी वैशाली और अन्य मददगारों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस की अपील, दलालों के सिंडिकेट से बचें
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि जमीन की खरीद-फरोख्त करते समय संबंधित भूमि के दस्तावेजों की पूरी जांच सरकारी दफ्तरों से जरूर कराएं। केवल विक्रयनामा के आधार पर बड़ी राशि का भुगतान न करें।


