इछावर कांग्रेस का डरा-सहमा प्रदर्शन…

#Sehore,सीहोर। इछावर नगर परिषद में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, अव्यवस्थाओं और जनसमस्याओं के विरोध में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल और वरिष्ठ नेता बृजेश पटेल की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और तालाबंदी की कोशिश तो देखने को मिली, लेकिन पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस का यह विरोध डरा सहमा नजर आया।
नगर में अब यह चर्चा जोरों पर है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी केवल नगर परिषद के ढर्रे को ही दोष देते नजर आए, जबकि नगर परिषद अध्यक्ष या क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ पूरी तरह मौन रहे।
पुलिस से हुई धक्का मुक्की
सोमवार को बड़ी संख्या में एकत्र हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद कार्यालय का घेराव करते हुए उग्र नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी जैसे ही मुख्य गेट पर ताला जडऩे के लिए आगे बढ़े, वहां तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। इस बात को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई जो देखते ही देखते धक्का मुक्की में बदल गई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स के पास खड़े होकर नगर परिषद तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए।
अधिकारियों पर साधा निशाना, लेकिन जनप्रतिनिधियों पर चुप्पी
रोचक बात यह रही कि पूरे आंदोलन में कांग्रेस का मुख्य निशाना केवल नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारी ही रहे। इछावर नगर परिषद में वित्तीय गड़बडिय़ों और आम जनता की समस्याओं का मुद्दा तो उठाया गया, लेकिन सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों का नाम लेने से नेता बचते दिखे। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर इसे रणनीति से ज्यादा कांग्रेस का डरा-सहमा कदम माना जा रहा है।
ज्ञापन सौंपकर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
हंगामे के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भ्रष्टाचार पर तुरंत रोक लगाने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल और बृजेश पटेल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय कांग्रेस पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे।