Sehore News: सीहोर। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और न ही गरीबी कभी सफलता के आड़े आती है। इस कहावत को सीहोर के होनहार छात्र श्लोक प्रजापति ने सच कर दिखाया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणामों में श्लोक ने विज्ञान (गणित) संकाय में पूरे प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। श्लोक की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने अभावों के बीच रहकर अपनी मेहनत से एक नया प्रभाव पैदा किया है।
श्लोक प्रजापति एक अत्यंत निर्धन परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता विनोद प्रजापति पेशे से एक मजदूर हैं, जो दिन-रात पसीना बहाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद पिता ने कभी श्लोक की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। पिता की मजदूरी और बेटे की लगन का ही परिणाम है कि आज श्लोक ने 500 में से 493 अंक 98.6 प्रतिशत हासिल कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में पहला स्थान प्राप्त किया है।
10वीं में भी रहे थे ‘स्टार’ अब लक्ष्य आईएएस
यह पहली बार नहीं है जब श्लोक ने अपनी मेधा का परिचय दिया हो। इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी उन्होंने 97.6 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश की टॉप.10 सूची में सातवां स्थान हासिल किया था। अपनी निरंतरता को बरकरार रखते हुए अब वे प्रदेश के सिरमौर बनकर उभरे हैं। श्लोक का सपना अब और भी बड़ा है, वे प्रशासनिक सेवा में जाकर आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं ताकि समाज और देश की सेवा कर सकें।
जिले के 29 हजार छात्रों के बीच चमके श्लोक
गौरतलब है कि इस वर्ष सीहोर जिले से करीब 29 हजार से अधिक परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे। इनमें 10वीं के 16 हजार और 12वीं के करीब 13 हजार छात्र शामिल थे। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जहां अन्य विद्यार्थियों की धडक़नें तेज थीं, वहीं श्लोक की सफलता की खबर मिलते ही नूतन स्कूल प्रबंधन और जिले के शिक्षा विभाग में जश्न का माहौल बन गया।
प्रशासन और स्कूल ने दी बधाई
नूतन स्कूल और जिला प्रशासन ने श्लोक की इस असाधारण उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद श्लोक की यह जीत अन्य ग्रामीण और शहरी छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी। श्लोक ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन को दिया है।


