Sehore: 32 लाख की चोरी की FIR में तारीख गलत…

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Sehore News: सीहोर। जिला मुख्यालय की पॉश कॉलोनी अवधपुरी में हुई 32 लाख की बड़ी चोरी का मामला अब पुलिसिया दस्तावेजों की गफलत के कारण चर्चा में आ गया है। इस सनसनीखेज वारदात में कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में तारीख को लेकर बड़ी चूक सामने आई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह एफआईआर 28 अप्रैल 2026 को दोपहर 14.24 बजे दर्ज की गई है। लेकिन एफआईआर के अंदर फरियादी दीपक जाधव के हवाले से लिखा गया है कि वे अपने परिवार के साथ 24.06.2026 (24 जून 2026) को महाराष्ट्र के बुल्ढाणा गए थे। सवाल यह उठता है कि यदि एफआईआर अप्रैल में दर्ज हुई तो उसमें भविष्य की तारीख (जून) का उल्लेख कैसे हो गया। क्या यह टाइपिंग की मानवीय भूल है या पुलिस ने बिना पड़े ही गंभीर मामले के दस्तावेज तैयार कर दिए।
15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
तारीखों की इस गफलत के बीच हकीकत यह है कि चोरी की इस बड़ी वारदात को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक चोरों का सुराग नहीं लगा पाई है। पॉश इलाके में एक बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर के सूने मकान का ताला तोडक़र चोर 7 लाख रुपये नगद और करीब 25 लाख रुपये के जेवरात पार कर ले गए। घटना का पता 27 अप्रैल की सुबह तब चला था जब फरियादी के परिचित हेमंत परमार ने ताला टूटा देखा था।
जांच अधिकारी पर उठ रहे सवाल
वर्तमान में इस गंभीर प्रकरण की जांच उप निरीक्षक विक्रम आदर्श कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि उन्होंने मौके से फिंगरप्रिंट लिए हैं और तकनीकी साक्ष्यों आदि के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है। हालांकि पीडि़त परिवार का आरोप है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है और धरातल पर कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है।
पीडि़त ने एसपी से लगाई गुहार
पुलिस की सुस्त चाल और एफआईआर में मौजूद विसंगतियों से परेशान होकर फरियादी दीपक जाधव ने 10 मई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया है। पीडि़त ने मांग की है कि इतनी बड़ी चोरी से परिवार गहरे सदमे और आर्थिक तंगी में है, अत: माल की बरामदगी जल्द हो। दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए।