Sehore: रेत माफिया पर प्रशासन का सर्जिकल स्ट्राइक

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Sehore News: सीहोर। भैरूंदा क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया के मजबूत सूचना तंत्र को ध्वस्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने शुक्रवार को फिल्मी अंदाज में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। आयकर विभाग की तर्ज पर बनाई गई गोपनीय रणनीति के तहत एसडीएम, एसडीओपी और तहसीलदार अपने सरकारी वाहन छोडक़र किराए की निजी गाडिय़ों से मौके पर पहुंचे। इस औचक छापामार कार्रवाई से माफियाओं में हडक़ंप मच गया और प्रशासन ने मौके से पोकलैंड, जेसीबी सहित 11 कीमती वाहन व मशीनें जब्त कीं।
बता दें रेत माफिया अधिकारियों की लोकेशन पर नजर रखने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप चलाते हैं। जैसे ही सरकारी गाड़ी निकलती है, माफिया सतर्क हो जाते हैं। इसे चकमा देने के लिए एसडीएम सुधीर कुमार कुशवाहा और एसडीओपी रोशन कुमार जैन ने निजी वाहनों का सहारा लिया। टीम ने सिलकंठ और रानीपुरा क्षेत्रों में दबिश देकर 2 पोकलैंड, 4 जेसीबी, 2 लोडर, 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 1 अत्याधुनिक पनडुब्बी ट्रैक्टर जब्त किया।
थाने से गायब हुई पनडुब्बी
कार्रवाई के दौरान एक अजीबोगरीब घटनाक्रम सामने आया। जब्त की गई कीमती पनडुब्बी को थाने भेजा गया था, लेकिन कागजी खानापूर्ति के दौरान पता चला कि असली पनडुब्बी गायब है और उसकी जगह थाने में पहले से खड़ी कोई पुरानी पनडुब्बी खड़ी कर दी गई है। इस अदला-बदली से प्रशासनिक गलियारों में हडक़ंप मच गया। भारी दबाव और पुलिस की सक्रियता के बाद वाहन मालिक ने डर के मारे आधी रात को असली पनडुब्बी दोबारा थाने पहुंचाई।
श्रेय लेने मची होड़
हैरानी की बात यह रही कि स्थानीय प्रशासन राजस्व और पुलिस ने पूरी मेहनत कर गाडिय़ां पकड़ीं, लेकिन खनिज विभाग का अमला सूचना के 3 घंटे बाद मौके पर पहुंचा। अगले दिन विभाग ने पूरी कार्रवाई का श्रेय खुद लेने की कोशिश की, जबकि हकीकत में भोपाल से आए विशेष दल की भूमिका भी महज औपचारिक ही रही। वास्तविक कार्रवाई स्थानीय अमले ने ही अंजाम दी।
नायब तहसीलदार का घेराव, पुलिस ने बचाया
कार्रवाई के दौरान चौरसाखेड़ी में जब टीम ने एक घर के अंदर खड़ी जेसीबी जब्त करने की कोशिश की तो ग्रामीण भडक़ गए। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार रामदास गोरले का घेराव कर लिया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख तत्काल गोपालपुर पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसके बाद अधिकारियों को सुरक्षित निकाला जा सका।