Sehore News: सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम लसूडिय़ा परिहार में युवक जितेंद्र गोस्वामी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस के हाथ लगे 4 पन्नों के सुसाइड नोट से कई बड़े खुलासे हुए हैं। मृतक जितेंद्र ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले उन लोगों के नामजद विवरण छोड़े हैं, जिनके कारण वह गहरे मानसिक और आर्थिक तनाव में था। नोट में कुछ लोगों द्वारा प्रताडि़त करने और कई अन्य लोगों से अपनी रकम वापस लेने का पूरा हिसाब-किताब लिखा गया है।
बता दें यह समाचार पूरी तरह से मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में दर्ज दावों पर आधारित है। लक्ष्य टुडे इन नामों और आरोपों की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
सुसाइड नोट में प्रताडऩा का आरोप
जितेंद्र गोस्वामी ने अपने सुसाइड नोट में बेहद भावुक और परेशान करने वाली बातें लिखी हैं। उसने लिखा आज मैं जितेंद्र गोस्वामी आत्महत्या का कारण मनोज भोपाल, बाबा और मयंक हैं। मनोज ने फर्जी एग्रीमेंट दिखाकर मुझ पर इतना दबाव बना दिया कि आज मुझे फांसी लगानी पड़ रही है। इनके खिलाफ रिपोर्ट करवा देना। इसके साथ ही नोट में ऑडियो रिकॉर्डिंग होने की बात भी सामने आई है, जिसे पुलिस को सौंपने की इच्छा जताई गई है।
इन लोगों से लेना था पैसा और हिसाब-किताब
मृतक ने सुसाइड नोट में अपनी तंगहाली को दूर करने और परिवार को सहारा देने के उद्देश्य से उन लोगों के नाम और हिसाब लिखा है, उसके अनुसार अनीश इनसे 1 लाख 30 हजार रुपये लेने हैं। विक्रम इनसे 1 लाख रुपये लेने का जिक्र है। प्रशांत, मम्मी के पापा गेंदापुरी इनसे 2 लाख 70 हजार रुपये लेने हैं। नोट में लिखा है कि यदि वे पैसे न दें तो उनके खिलाफ भी रिपोर्ट कराई जाए। रमेश गांव उदयपुर इनसे 70 हजार रुपये वापस लेने हैं। सोनू इनसे जमीन के सौदे के 4 लाख 10 हजार रुपये लेने का जिक्र है, जिसके बारे में विक्रम चाचा जानते हैं। 10 हजार रुपयेए गोलू से 5 हजार रुपये और नरेश चाचा से 6 हजार रुपये वापस लेने की बात लिखी है। वहीं मनीष को 30 हजार रुपये देने की बात भी नोट में दर्ज है।
जांच और पुष्टि के बाद होगी कार्रवाई
सुसाइड नोट में कई नाम सामने आने के बाद पूरे लसूडिय़ा परिहार क्षेत्र में हडक़ंप मचा हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली टीआई रविंद्र यादव ने बताया कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर मर्ग कायम कर लिया गया है। पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। टीआई यादव ने स्पष्ट किया कि सुसाइड नोट के तथ्यों की पुष्टि, हैंडराइटिंग की प्रामाणिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


