Sehore News: सीहोर। पुलिस ने संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना रेहटी पुलिस ने फर्जी जीएसटी दस्तावेजों के जरिए किसानों और व्यापारियों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मक्का की बड़ी खेप हड़प कर फरार हो गया था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रेहटी निवासी पंकज चंद्रवंशी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने खुद को बड़ा व्यापारी बताकर उनसे संपर्क किया और लगभग 6500 क्विंटल मक्का खरीदी। भुगतान के वक्त आरोपियों ने फर्जी जीएसटी दस्तावेज दिखाए और बिना पैसे दिए मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
दिल्ली से लेकर रायपुर तक नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर तीन आरोपियों को दबोचा में विनोद कुमार कलवानी निवासी रायपुर छत्तीसगढ़। मनोज कुमार निवासी शाहदरा दिल्ली और राजेश चवारे निवासी नागपुर शामिल हैं।
ठगी का अनूठा तरीका
पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से ठगी करते थे। ये ब्रोकर बनकर व्यापारियों से मिलते और शुरुआत में छोटी मात्रा में माल खरीदकर तुरंत भुगतान कर देते थे। जब व्यापारी का भरोसा जीत लेते, तब बड़ी मात्रा में फसल मंगवाते और भुगतान किए बिना ही गायब हो जाते थे।
आधा दर्जन राज्यों में दर्ज हैं केस
पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्रए राजस्थान और दिल्ली में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। कई राज्यों की अदालतों से इनके खिलाफ चेक बाउंस के वारंट भी जारी हो चुके हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य फरार साथियों की तलाश कर रही है।
पुलिस टीम को मिली शाबाशी
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में रेहटी थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कहारे, उपनिरीक्षक सुशील पाण्डेय, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह, आरक्षक योगेश कटारे और विकास नागर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


