Sehore News: सीहोर। जहां एक ओर सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने को लेकर चिंता जताई जाती है, वहीं सीहोर की शासकीय माध्यमिक शाला कौडियाछीतू ने एक नई मिसाल पेश की है। विद्यालय के शिक्षकों के समर्पण और पहले आओ-पहले पाओ जैसे अनूठे नवाचार का असर है कि नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले ही कक्षा पहली में एक दर्जन से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। खास बात यह है कि इस स्कूल की बेहतर शिक्षा व्यवस्था के चलते गांव के तीन निजी स्कूल तक बंद हो चुके हैं।
विद्यालय के प्राचार्य संजय सक्सेना ने बताया कि इस वर्ष नामांकन को गति देने के लिए शाला स्टाफ ने अपने आपसी सहयोग से एक विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत प्रथम 10 विद्यार्थियों को स्कूल बैग, लंच बॉक्स, कंपास बॉक्स, पानी की बोतल और दो नोटबुक दी जा रही हैं। 11 से 20 तक नामांकन में बैग, लंच बॉक्स और कंपास बॉक्स प्रदान किए जाएंगे। 21 से 30 तक नामांकन में बच्चों को स्कूल बैग प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाएगा।
निजी स्कूलों से लौट रहे बच्चे
नामांकन बढ़ाने के लिए विद्यालय ने पालक संपर्क अभियान को तीन समूहों में बांटा है। पहले समूह में स्कूल स्टाफ और दूसरे में रसोइया दल घर-घर जाकर संपर्क कर रहा है। तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में गांव के सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उन अभिभावकों से संवाद कर रहे हैं जिनके बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, ताकि उन्हें शासकीय विद्यालय की गुणवत्ता से अवगत कराया जा सके।
250 विद्यार्थियों का लक्ष्य
बीते वर्ष इस विद्यालय में 184 विद्यार्थी दर्ज थे, जिनमें से 18 बच्चों ने प्राइवेट स्कूल छोडक़र यहां प्रवेश लिया था। इस वर्ष विद्यालय परिवार ने 250 विद्यार्थियों का लक्ष्य रखा है। वार्षिक परीक्षा समाप्त होते ही शिक्षकों ने बैठक कर आकर्षक पम्पलेट्स के माध्यम से प्रचार शुरू कर दिया था, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहा है।
इनका रहा विशेष सहयोग
इस शैक्षणिक नामांकन अभियान को सफल बनाने में प्राचार्य संजय सक्सेना, शिक्षक शैलेन्द्र सिंह, डीके मालवीय, देवेंद्र सिंह चौहान, शशिबाला नामदेव, फूलवती सेन, माधुरी जोशी, मंजू राठौर, सिद्धार्थ रघुवंशी सहित रसोइया समूह की शीला मेवाड़ा, लालता मेवाड़ा, लक्ष्मी मालवीय, सरोज मेवाड़ा और गीता मेवाड़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।


