Sehore News: सीहोर। जिले में पुलिस और जनता के बीच सेतु का काम करने वाला पुलिस पीआरओ ग्रुप इन दिनों पूरी तरह सुस्त पड़ गया है। पुलिस विभाग की गतिविधियों, अपराधों के खुलासे और जन-जागरूकता से जुड़ी सूचनाएं मीडिया तक पहुंचाने के लिए बनाया गया यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अब मौन नजर आ रहा है। 7 मई के बाद से इस ग्रुप की रफ्तार पर जैसे ब्रेक लग गया है, जिससे मीडिया जगत सहित आमजन तक पहुंचने वाली जरूरी जानकारियां भी रुक गई हैं।
बता दें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के कार्यकाल में पुलिस पीआरओ ग्रुप बेहद सक्रिय और प्रभावी तरीके से काम कर रहा था। एसपी शुक्ला की मंशा थी कि पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई, अपराधियों की धरपकड़ और यातायात व साइबर सुरक्षा से जुड़े समाचार फोटो सहित तत्काल मीडिया के लिए उपलब्ध हों। इसका उद्देश्य यह था कि समाचारों के माध्यम से आम नागरिक न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत हों, बल्कि अपराधों के प्रति सतर्क और जागरूक भी रह सकें। उस दौरान ग्रुप पर सूचनाओं का प्रवाह निरंतर बना रहता था।
7 मई के बाद से बदली तस्वीर
जिले में पुलिस प्रशासन के बदलाव के बीच 7 मई के बाद से इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों से पीआरओ ग्रुप पर सूचनाएं प्रदान करने का चलन लगभग थम सा गया है। पुलिस द्वारा की जा रही रूटीन कार्रवाई या महत्वपूर्ण खुलासों की जानकारी समय पर साझा नहीं की जा रही है। फोटो और प्रेस नोट के अभाव में पुलिस की सकारात्मक खबरें जनता तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
जागरूकता अभियान पर पड़ रहा असर
पुलिस की सूचनाएं सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि इनमें गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश, अज्ञात शवों की शिनाख्त और साइबर फ्रॉड से बचने के सुझाव भी शामिल होते हैं। सूचना तंत्र के सुस्त पडऩे से इन महत्वपूर्ण जानकारियों का प्रसार रुक गया है।


