Sehore News: सीहोर। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच शहरवासियों के लिए प्रकृति ने एक बेहद सुखद संकेत दिया है। जिला मुख्यालय स्थित आवासीय खेलकूद संस्थान के मैदान पर रविवार को टिटहरी के चार अंडे देखे गए। लोक मान्यताओं के अनुसार टिटहरी को ‘मानसून का दूत’ माना जाता है, ऐसे में मैदान पर टिटहरी के चार अंडों ने शुभ संकेत दिए हैं। बुजुर्गों ने इसे आने वाले मानसून में खुशहाली का संकेत बताया है।
मान्यताओं के अनुसार टिटहरी द्वारा दिए गए अंडों की संख्या सीधे तौर पर मानसून के महीनों और बारिश से जुड़ी होती है। रविवार को जब लोगों ने मैदान पर चार अंडे देखे तो बुजुर्गों ने अंदाजा लगाया कि इस वर्ष मानसून के चारों महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में भरपूर बारिश होगी। माना जाता है कि जितने अंडे, उतने महीने झमाझम बारिश होती है। आवासीय मैदान पर दिए गए इन अंडों की खुशियों को लोगों ने सोशल मीडिया पर भी साझा की है।
पिछले साल भी पूरा हुआ था कोटा
बता दें बीते वर्ष 2025 की बात करें तो जिले में बारिश की शुरुआत धीमी रही थी, लेकिन अंतिम दौर में हुई धमाकेदार बारिश ने जिले का कोटा पूरा कर दिया था। पिछले साल जिले में औसतन 1180 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। आष्टा, बुदनी और इछावर सहित जिला मुख्यालय पर हुई पर्याप्त बारिश के कारण कोलार डैम, जमोनिया तालाब, भगवानपुरा जैसे जलाशय लबालब हो गए थे। अब टिटहरी के इन चार अंडों ने उम्मीद जगाई है कि 2026 में भी जल संकट दूर रहेगा।
क्या कहती है मान्यता
बुजुर्गों का कहना है कि टिटहरी का ऊंचे स्थान पर अंडे देना अतिवृष्टि की ओर इशारा करता है, जबकि समतल स्थान पर अंडे सामान्य बारिश के संकेत हैं। आवासीय खेलकूद संस्थान के मैदान पर सुरक्षित स्थान पर दिए गए ये अंडे जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर लेकर आए हैं। किसानों का मानना है कि प्रकृति पहले ही आगामी मौसम का आभास कर लेती है और टिटहरी के ये अंडे उसी प्राकृतिक भविष्यवाणी का हिस्सा हैं।
गर्मी के बीच अच्छी उम्मीद
फिलहाल 12 अप्रैल तक जिले का तापमान 38 डिग्री से 41 डिग्री के बीच पहुंच गया है। चिलचिलाती धूप के कारण छोटे जल स्रोतों का पानी तेजी से सूख रहा है। ऐसे समय में मानसून के इस शुभ संकेत ने लोगों को आने वाले खुशनुमा मौसम की उम्मीद से भर दिया है।


