सीहोर में ‘सस्ती’ 1000 की शराब दे रही ‘महंगा’ दर्द…

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सीहोर। जिले के सुरा प्रेमियों के लिए इन दिनों ‘सस्ता’ सौदा जी का जंजाल बन गया है। शहर में बिक रही एक खास ब्रांड की शराब, जिसकी कीमत हाल ही में घटाई गई है, अब सवालों के घेरे में है। शराब के शौकीनों का दावा है कि कीमत कम होने के साथ ही शराब की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है और उन्हें ‘असली’ के दाम पर ‘नकली’ माल परोसा जा रहा है।
जानकारों की मानें तो राजधानी भोपाल में शराब सस्ती होने के कारण सीहोर के आबकारी बाजार पर असर पड़ रहा था। इसी के चलते करीब 4 महीने पहले सीहोर में भी शराब की कीमतों में कटौती की गई थी, जो बोतल पहले 1500 रुपए में मिला करती थी, उसे घटाकर अब 1000 रुपए कर दिया गया है। हालांकि चौंकाने वाली बात यह है कि बोतल की कीमत तो कम हुई है, लेकिन इसके क्वार्टर की कीमत आज भी 380 रुपए पर बरकरार है।
सुबह उठते ही छा रहा तनाव
स्थानीय सुरा प्रेमियों ने अपने कड़वे अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब यह शराब 1500 रुपए की आती थी, तब उसकी गुणवत्ता ठीक थी। लेकिन जब से दाम 1000 रुपए हुए हैं, तब से इसके सेवन के बाद शरीर और दिमाग पर बुरा असर पड़ रहा है।
सुरा प्रेमियों का अनुभव
मानसिक तनाव: इस सस्ती शराब के सेवन के बाद अगली सुबह सोकर उठने पर अत्यधिक मानसिक तनाव महसूस होता है।
भारीपन और बेचैनी: शौकीनों के मुताबिक पहले वाली शराब में ऐसी समस्या नहीं होती थी, लेकिन अब सिर में भारीपन और अस्वाभाविक बेचैनी बनी रहती है।
स्वाद में बदलाव: कई नियमित ग्राहकों ने दबी जुबान में यह भी कहा कि शराब के स्वाद और उसकी तासीर में पहले जैसा ‘अहसास’ नहीं रहा, जो इसके नकली होने की ओर इशारा करता है।
क्या मिलावट का खेल चल रहा है
शहर के चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कहीं कम कीमत की भरपाई करने के लिए शराब में मिलावट तो नहीं की जा रही। सुरा प्रेमियों का आरोप है कि 500 रुपए की बड़ी कटौती के पीछे कोई न कोई घोलमाल जरूर है। अगर क्वार्टर की कीमत कम नहीं हुई तो सिर्फ बोतल के दाम इतने ज्यादा कैसे गिर गए।