Sehore News: सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने जिले में जड़े जमा चुके खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत कर दी है। लंबे समय से चल रहे अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खेल को खत्म करने के लिए शासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब सीहोर के माइनिंग अधिकारी नहीं, बल्कि इंदौर, रतलाम और रायसेन जैसे दूसरे जिलों के आला अफसरों की एक विशेष जांच टीम जिले में हो रहे अवैध कारोबार की पड़ताल कर रही है।
बता दें भोपाल मुख्यालय से आदेश मिलते ही इस 5 सदस्यीय स्पेशल टीम ने सीहोर की सीमाओं में दस्तक दे दी है। टीम ने अपना एक्शन शुरू करते हुए भैरुंदा क्षेत्र में रेत से भरे डंपर को रोककर वैधानिक कार्रवाई की है। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय माफियाओं और उनके मददगारों में हडक़ंप मच गया है। टीम अब जिले के उन क्षेत्रों की खाक छान रही है, जहां से अवैध रेत का परिवहन लगातार जारी था।
शिवराज की नाराजगी का असर
मालूम हो यह बड़ी कार्रवाई केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हाल ही में दिशा की बैठक में जताई गई तीखी नाराजगी का सीधा असर मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर शिकायतों की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की अनसुनी होने के बाद शासन ने स्थानीय माइनिंग टीम के बजाय बाहरी अधिकारियों को मैदान में उतारने का फैसला किया।
इन अफसरों के हाथ में है कमान
अवैध उत्खनन की जांच करने के लिए गठित इस टीम का नेतृत्व अनिल नारनवरे अधीक्षण भौमिकीविकी इंदौर कर रहे हैं, जबकि टीम के अन्य सदस्यों में दीपक सोलंकी उप संचालक भोपाल, सुमित गुप्ता सहायक खनि अधिकारी रायसेन, शंकर कनेश खनि निरीक्षक रतलाम और अर्जुन श्रीवास्तव कनिष्ठ प्रबंधक खनिज निगम सीहोर शामिल हैं। यह गठित टीम 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।


