सीहोर। राजधानी में बीते दिनों सियासी घमासान के दौरान घायल हुए युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोपील कोटवाल से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुलाकात कर हालचाल जाना। इस दौरान राहुल गांधी ने जोश भरते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा सरकार की नीतियों और दबाव की राजनीति से डरने की कतई जरूरत नहीं है।
बता दें चार-पांच दिन पहले जब भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति अनियंत्रित हो गई और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झूमाझपटी और हंगामे में युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोपील कोटवाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
राहुल गांधी ने की मुलाकात
दो दिन पहले भोपाल दौरे के दौरान राहुल गांधी ने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद गोपील कोटवाल से मुलाकात की। उन्होंने न केवल उनके चोटों के बारे में पूछा, बल्कि उनके साहस की सराहना भी की। मुलाकात के बाद गोपील कोटवाल ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे काफी देर चर्चा की और संगठन के प्रति उनके समर्पण को सराहा।
राहुल गांधी ने दिए तीन टिप्स
डरने की जरूरत नहीं: सरकार चाहे कितनी भी मनमानी करे या लाठी-डंडे का प्रयोग करे, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीछे नहीं हटना है।
जनविरोधी नीतियों का विरोध: केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की जो नीतियां जनता के खिलाफ हैं, उनका सडक़ से लेकर सदन तक डटकर मुकाबला करना है।
जनता के बीच जाएं: राहुल गांधी ने निर्देश दिया कि भाजपा की विफलताओं को घर-घर जाकर जनता को बताएं और उन्हें जागरूक करें।
कांग्रेस खेमे में बढ़ा उत्साह
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सीधे एक जमीनी कार्यकर्ता और युवा नेता से मुलाकात करने के बाद प्रदेश कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को जमीनी संघर्ष को धार देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। गोपील कोटवाल ने कहा कि राहुल गांधी के शब्दों ने उन्हें नई ऊर्जा दी है और वे जल्द ही स्वस्थ होकर फिर से जनता की लड़ाई लडऩे के लिए मैदान में उतरेंगे।


