#Sehore, सीहोर। जिले के शिक्षा महकमे में सालों से अपनी मनपसंद कुर्सियों पर अंगद की तरह जमे कर्मचारियों और बाबुओं की कुर्सी आखिरकार हिल गई है। लगातार मीडिया में उजागर हुई खबरों के बाद विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी सर्जरी करते हुए दर्जनों कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस कड़े कदम से सालों से चली आ रही मनमानी, अटैचमेंट का खेल और दफ्तरी गुटबाजी पूरी तरह खत्म हो गई है। संयुक्त संचालक द्वारा जारी सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 पदोन्नति व पदस्थापना आदेश क्रमांक 6260 के तहत अब दफ्तरों में हुकूमत चला रहे कर्मियों को स्कूलों की कमान संभालने भेज दिया गया है।
मलाईदार दफ्तर छूटे, अब स्कूलों में संभालेंगे कमान
बता दें जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी दफ्तरों में लंबे समय से अटैचमेंट की आड़ में मलाईदार कुर्सियों पर बैठे रसूखदारों की अब स्कूलों में वापसी करा दी गई है। नए आदेश का सीधा असर यह होगा कि दफ्तरों में बैठकर फाइलों को रोकने वाले बाबू अब सीधे शिक्षण व्यवस्था और स्कूली प्रशासन को दुरुस्त करते नजर आएंगे।
किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी
दीपक सुधाकर गोलवलकर: बीईओ कार्यालय सीहोर से हटाकर संदीपनी शासकीय उमावि बिलकिसगंज।
ओपी अवलोसिया: बीईओ कार्यालय आष्टा से शासकीय उमावि धामंदा।
मनोज गुप्ता: डीईओ कार्यालय सीहोर से शासकीय उमावि कन्या इछावर।
अक्षय कुमार जैन: शासकीय कस्तूरबा उमावि सीहोर से शासकीय उमावि श्यामपुर।
अंशुल शर्मा: डीईओ कार्यालय सीहोर से शासकीय आवासीय विद्यालय सीहोर।
कपिल सोनी: डीईओ कार्यालय सीहोर से हटाकर शासकीय उमावि कोठरी।
अंकुर शर्मा: डीईओ कार्यालय सीहोर से बीईओ कार्यालय इछावर।
सुरेश नारायण शर्मा: बीईओ कार्यालय बुधनी से संदीपनी उत्कृष्ट शासकीय उमावि बालक बुधनी।
पीयूष सरकार: डाइट सीहोर से बीईओ कार्यालय बुधनी।
इसके अलावा कैलाश नारायण शर्मा सिद्दीकगंज, प्रशांत सिंह राजपूत रेहटी, मनोहर सिंह उइके बीईओ कार्यालय नसरुल्लागंज, गंगाराम मेहतवाड़ा, राहुल मालवीय बीईओ कार्यालय आष्टा, दिनेश कुमार पंवार कुरावर और अमित मांझी चकल्दी को भी नई पदस्थापना पर भेजा गया है।
तत्काल ज्वॉइनिंग का फरमान
संयुक्त संचालक धर्मेंद्र शर्मा ने आदेश में दो टूक साफ कर दिया है कि सभी स्थानांतरित और पदोन्नत कर्मचारी तुरंत नई जगह पदभार ग्रहण करेंगे। सीहोर डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यभार संभालने की रिपोर्ट तत्काल संभागीय कार्यालय भेजी जाए। अगर किसी कर्मचारी ने कार्यमुक्त होने या नई जगह ज्वॉइन करने में कोई भी बहानेबाजी की तो उसके खिलाफ सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुधार की उम्मीद
शिक्षा विभाग में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक से विभागीय गलियारों में हडक़ंप का माहौल है। सालों से चल रहे एकाधिकार के टूटने से जहां एक ओर दफ्तरों के कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आएगी, वहीं दूसरी ओर अनुभवी कर्मचारियों के मैदान में जाने से ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों के स्कूलों का प्रशासनिक ढांचा भी मजबूत होगा।


