Sehore News: सीहोर। चमड़े के अवैध व्यापार को लेकर हिंदू संगठनों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा प्रशासन को दी गई 8 दिनों की चेतावनी की समय सीमा पूरी हो चुकी है। आज 13 मई को 9वां दिन शुरू हो गया है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बता दें कि बीते 5 मई को विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कलेक्टर बालागुरू के. से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। संगठन ने स्पष्ट कहा था कि यदि 8 दिनों के भीतर दोषियों पर रासुका और बुलडोजर जैसी कार्रवाई नहीं हुई तो बजरंग दल स्वयं मैदान में उतरकर कड़ा एक्शन लेगा। आज वह समय सीमा समाप्त हो गई है।
ज्ञापन में बताया गया था कि 27 अप्रैल को कांकडख़ेड़ा स्थित अल्फा प्रोटीन चमड़ा फैक्ट्री में गौ-चमड़े के अवैध व्यापार का खुलासा हुआ था। विहिप-बजरंग पदाधिकारियों का कहना था कि प्रशासन ने अब तक न तो फैक्ट्री को सील किया और न ही संचालक के खिलाफ कोई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। फैक्ट्री आज भी धड़ल्ले से संचालित हो रही है।
प्रमुख मांगें: रासुका और राजसात की कार्रवाई
बुलडोजर कार्रवाई: दोषियों के अवैध मकानों और दुकानों को तत्काल ढहाया जाए।
रासुका: गौवंश की हत्या और चमड़े के अवैध व्यापार में शामिल अपराधियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जाए।
वाहन राजसात: गौमाता का परिवहन करने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उन्हें सरकारी कब्जे में लिया जाए।
खाद्य विभाग की जांच: जिन दुकानों पर गोमांस की सप्लाई की गई, उन्हें चिन्हित कर उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
यह रहे थे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान विहिप के मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ नैतिक शिक्षा प्रमुख सुनील कुमार शर्मा, प्रांत प्रमुख गोपाल राठी, अजीत शुक्ला, विवेक राठौर, भानू सिंह राजपूत, मोहन भाटी, रेवाशंकर जाट, कमलेश कुकुंदा, प्रभात मेवाड़ा और जगदीश कुशवाह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद थे।


