शिव भक्ति में रंगा शहर, एआई तकनीक और देश भर के कलाकारों के साथ निकली भव्य शिव बारात

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सीहोर। महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर में भगवान भोलेनाथ की ऐसी भव्य बारात निकाली गई कि पूरा नगर शिवमय हो गया। श्री बटेश्वर महादेव मंदिर इंदौर नाका से शाम 5 बजे शुरू हुआ यह कारवां जैसे-जैसे आगे बढ़ा, श्रद्धा का सैलाब उमड़ता गया। महाशिवरात्रि उत्सव समिति के अध्यक्ष राजीव गुजराती और संस्थापक लोकेश सोनी के नेतृत्व में आयोजित इस चल समारोह ने इस वर्ष अपनी भव्यता की एक नई इबारत लिखी है।
बता दें इस वर्ष की शिव बारात की सबसे बड़ी विशेषता आधुनिक तकनीक का समावेश रहा। चल समारोह में पहली बार एआई मॉडल आधारित झांकियां निकाली गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके साथ ही बाबा महाकाल की अलौकिक लाइव भस्म आरती की झांकी ने उज्जैन के महाकाल मंदिर जैसा जीवंत अहसास कराया। स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई भगवान आदि योगी की भव्य प्रतिमा और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शनों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।
देशभर के कलाकारों ने बिखेरे रंग
समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए देश के कोने-कोने से नामी कलाकार पहुंचे थे। दिल्ली के विशाल अघोरी ग्रुप के तांडव और जम्मू के नवाब विनय आर्ट ग्रुप की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं पंजाब के गुरु तेजबहादुर गतका अखाड़ा और सोनू सांवरिया ग्रुप के कलाकारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन किए। साथ ही राजस्थानी घूमर, वृंदावन की रासलीला ने मन मोह लिया। इसके साथ ही कोल्हापुर के प्रतीक 21 रंगोली आर्टिस्ट की कला और छिंदवाड़ा की शिव कन्या ढोल ग्रुप की थाप पर हजारों भक्त झूमते नजर आए। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और कोटा के कलाकारों ने भी अपनी अनूठी झांकियों से उत्सव में चार चांद लगा दिए।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
इंदौर नाका से प्रारंभ होकर बारात तहसील चौराहा, अटल चौक, बड़ा बाजार, पान चौराहा, कोतवाली चौराहा और आनंद डेयरी होते हुए निकली। पूरे मार्ग पर करीब आठ विशेष पॉइंट बनाए गए थे, जहां सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर शिव बारात का भव्य स्वागत किया गया।
हनुमान फाटक पर हुआ भव्य समापन
बारात की लंबाई इतनी अधिक थी कि कुछ मीटर की दूरी तय करने में भी घंटों का समय लग रहा था। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह भव्य बारात अंतत: कस्बा स्थित श्री काशीपति विश्वनाथ मंदिर हनुमान फाटक पहुंची, यहां भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना और आरती की गई, जिसके बाद इस चल समारोह का विधिवत समापन हुआ।

तीन रास्तों से आई बारात, बना श्रद्धा का त्रिकोणीय संगम
शहर के मण्डी क्षेत्र में शिव बाराती निकाली गई। यहां श्रद्धा का त्रिकोणीय संगम देखने को मिला। कृषि उपज मंडी, जनता कॉलोनी और इंदिरा कॉलोनी से तीन अलग-अलग शिव बारातें निकाली गईं। यह तीनों ही बारातें नरसिंहगढ़ नाका रोड पर आकर एक साथ मिल गईं। यह त्रिकोणीय संगम इतना बड़ा था कि जिधर नजर जाती, उधर केवल भक्तों का हुजूम ही नजर आ रहा था। यहां बर्फ से बनाए गए शिवलिंग की पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।