रेलवे स्टेशन से विदा हुए रुद्राक्ष महोत्सव के प्रहरी…

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सीहोर। कुबेरेश्वर धाम की पुण्यभूमि पर आयोजित सात दिवसीय भव्य रुद्राक्ष महोत्सव के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अमले की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। 14 से 20 फरवरी तक चले इस विशाल धार्मिक आयोजन में दिन-रात मुस्तैद रहे जवानों ने अनुशासन, संयम और सेवा भाव की जो मिसाल पेश की, उसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। लेकिन कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला की सटीक रणनीति और आपसी समन्वय ने इस असंभव कार्य को सुगम बना दिया। कलेक्टर के निर्देशन में जहां पेयजल, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं का जाल बिछाया गयाए वहीं एसपी की अचूक घेराबंदी ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद धूप और धूल के बीच मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं की कमान संभाली, जिससे अंतिम पंक्ति में तैनात कर्मचारी का मनोबल भी ऊंचा रहा।
1400 जवानों का रहा सुरक्षा चक्र
महोत्सव की सुरक्षा के लिए तैनात करीब 1400 पुलिसकर्मियों ने केवल ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि जनसेवा का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया। कथा पंडाल से लेकर भोजनशाला तक हर जगह पुलिस की पैनी नजर रही। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं और बुजुर्गों के प्रति पुलिस का व्यवहार अत्यंत संवेदनशील और मददगार रहा। सीसीटीवी कैमरों और हाई.टेक कंट्रोल रूम के जरिए भीड़ के हर मूमेंट पर सतत निगरानी रखी गई, जिससे सात दिनों तक कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई।
भोपाल-इंदौर हाईवे पर नहीं थमे पहिए
अक्सर बड़े आयोजनों में ट्रैफिक जाम सबसे बड़ी चुनौती होती है, लेकिन इस बार सीहोर पुलिस का ट्रैफिक मैनेजमेंट मील का पत्थर साबित हुआ। एसपी दीपक कुमार शुक्ला द्वारा तैयार किए गए विशेष ट्रैफिक प्लान के कारण भोपाल-इंदौर हाईवे पर वाहनों की रफ्तार नहीं थमी। व्यवस्थित पार्किंग और समय पर किए गए डायवर्जन की वजह से न तो स्थानीय लोगों को परेशानी हुई और न ही बाहर से आए श्रद्धालुओं को।
सीहोर का बढ़ाया मान
विदाई के समय अधिकारियों ने सुरक्षाकर्मियों की पीठ थपथपाते हुए उन्हें साधुवाद दिया। सीहोर के नागरिकों और देश भर से आए श्रद्धालुओं ने भी मुक्त कंठ से प्रशासन की सराहना की है। इन जांबाज अधिकारियों और जवानों की मेहनत ने सीहोर का मान बढ़ाया है, जबकि सुरक्षा में तैनात रहे यह जवान आज सीहोर रेलवे से विदा हुए।