राज्यसभा में गूंजा सीहोर, भिड़े दिग्विजय और शिवराज…

14 sehore photo 03

सीहोर। संसद के उच्च सदन में मध्य प्रदेश विशेषकर सीहोर और नर्मदापुरम संभाग के किसानों का मुद्दा छाया रहा। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच मूंग की खरीदी और क्लस्टर व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हुई। दिग्विजय सिंह ने सरकार पर मूंग खरीदी में देरी का आरोप लगाया, जिस पर शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने वाली उपलब्धि बताया।
राज्यसभा में मुद्दा उठाते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सीहोर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में किसान थर्ड क्रॉप के रूप में बड़े पैमाने पर मूंग उगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के अधिकारियों ने मूंग को अनहेल्दी बताकर खरीदी में देरी की, जिससे किसानों को मजबूरन व्यापारियों को कम दाम पर फसल बेचनी पड़ी। उन्होंने पूछा कि इन प्रमुख उत्पादक जिलों को अब तक किसी क्लस्टर या विशेष श्रेणी में क्यों नहीं जोड़ा गया.
शिवराज का पलटवार, मेरे क्षेत्र की चिंता के लिए धन्यवाद
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि दिग्विजय सिंह को उनके संसदीय क्षेत्र सीहोर-विदिशा-नर्मदापुरम की इतनी चिंता है। शिवराज ने कहा कांग्रेस के समय केवल एक फसल होती थी, जबकि भाजपा सरकार की सिंचाई व्यवस्था के कारण अब किसान साल में तीन फसलें ले रहे हैं। मध्य प्रदेश के किसान गर्मी के सीजन में करीब 20 लाख मीट्रिक टन दलहन पैदा कर रहे हैं, जो एक रिकॉर्ड है। सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम में पहले से ही इतना भरपूर उत्पादन हो रहा है कि इन्हें अलग से किसी क्लस्टर की जरूरत नहीं है।
खरीदी व्यवस्था पर स्पष्टीकरण
शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया कि सरकार मूंग की पारदर्शी खरीदी कर रही है। उन्होंने दिग्विजय सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भावांतर भुगतान और भौतिक खरीदी में से कोई एक ही व्यवस्था लागू होती है। सरकार भविष्य में भी मूंग उत्पादन को प्रोत्साहित करेगी और किसानों से खरीदी सुनिश्चित की जाएगी।