सीहोर। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं जमीन पर वरदान साबित हो रही हैं। इसी कड़ी में सामाजिक न्याय विभाग की एडिप योजना दिव्यांगजनों के जीवन में नया आत्मविश्वास और रोशनी लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस योजना के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन से अब जरूरतमंदों को सीधे लाभ मिल रहा है, जिसका एक कंक्रीट उदाहरण सीहोर जिले में देखने को मिला है।
जिले के ग्राम सेमरादांगी के रहने वाले विष्णुप्रसाद के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की यह नीति एक नई जिंदगी की शुरुआत जैसी है। दरअसल विष्णुप्रसाद को जब यह सूचना मिली कि सामाजिक न्याय विभाग द्वारा सीहोर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जहां दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उन्हें तुरंत कृत्रिम अंग दिए जा रहे हैं तो वे भी शिविर में पहुंचे। यहां बिना किसी दफ्तरी औपचारिकता और देरी के विशेषज्ञों ने उनका परीक्षण किया और तुरंत उन्हें पूरी तरह नि:शुल्क कृत्रिम पैर और आरामदायक जूते प्रदान किए।
विष्णु के सपनों को मिला नया हौसला
कृत्रिम पैर मिलने के बाद विष्णुप्रसाद के चेहरे की खुशी और बढ़ा हुआ आत्मविश्वास साफ देखा जा सकता था। अब वे बिना किसी सहारे के चलने में सक्षम हैं। अपनी खुशी जाहिर करते हुए विष्णुप्रसाद ने कहा कि अब वे पहले की तुलना में कहीं अधिक सहजता से अपने रोजमर्रा के काम कर सकेंगे और किसी पर बोझ बने बिना आत्मनिर्भर जीवन जी पाएंगे। उन्होंने भावुक मन से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उनके जीवन को एक नया और सकारात्मक मोड़ दिया है।
मुख्यधारा से जोडऩे की मुहिम
बता दें एडिप योजना के माध्यम से मोहन सरकार न केवल शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मुहैया करा रही है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडक़र सम्मान भी दे रही है। सीहोर में आयोजित इस शिविर और विष्णुप्रसाद जैसे कई हितग्राहियों को मौके पर ही मिली मदद यह साबित करती है कि वर्तमान प्रदेश सरकार संवेदनशीलता के साथ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उनके जीवन को सुगम और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है।


