सीहोर। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में गुरुवार को शहर में महादेव की होली का ऐतिहासिक और भव्य आयोजन हुआ। जहां एक ओर पूरा शहर भक्ति और गुलाल के रंग में सराबोर था, वहीं दूसरी ओर इस उत्सव से सत्ताधारी दल भाजपा के नेताओं की दूरी ने शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
महादेव की होली के इस चल समारोह का शहर में जगह-जगह स्वागत हुआ, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान कांग्रेस की सक्रियता ने खींचा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चल समारोह का पुष्पवर्षा और गुलाल के साथ भव्य स्वागत किया। इसके विपरीत शहर के प्रमुख भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों का आयोजन में न जुटना और स्वागत से दूरी बनाए रखना लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का विषय बना रहा।
बदली परंपरा के बीच सियासी हलचल
पंडित प्रदीप मिश्रा ने सीहोर में नवाबों के दौर की पुरानी रस्मों को खत्म कर महादेव की होली की जो नई परंपरा शुरू की है, उसे जनता का तो अपार समर्थन मिल रहा है। लेकिन भाजपा जैसे धार्मिक विचारधारा वाले दल के नेताओं की इस आयोजन से दूरी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आस्था के इस बड़ी समागम से स्थानीय भाजपा नेताओं ने आखिर किन कारणों से किनारा कर लिया।
भक्ति और आस्था का अनूठा संगम
राजनीतिक चर्चाओं से इतर महादेव की होली का कारवां छावनी के चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर गुप्तेश्वर, पिपलेश्वर और नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर मंदिर पहुंचा। बिना पानी और बिना पक्के रंगों केए केवल फूलों और गुलाल से खेली गई इस होली में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।


