अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘महंगाई’ का तोहफा…!

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सीहोर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के उपलक्ष्य में जहां आधी आबादी सरकार से किसी बड़ी सौगात या राहत की उम्मीद लगाए बैठी थी, वहीं केंद्र सरकार ने ऐन एक दिन पहले रसोई गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी कर महिलाओं के किचन का जायका बिगाड़ दिया है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 60 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब सीहोर में सिलेंडर की कीमत 930.50 रुपये तक पहुंच गई है।
केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से ही लागू हो गई हैं। घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में भी 115 रुपये की बड़ी वृद्धि की गई है। इस फैसले का सीधा असर मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ा है। जिले में एक दिन पहले तक जो सिलेंडर 870.50 रुपये में मिल रहा था, उसके लिए अब उपभोक्ताओं को अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी होगी।
ईरान-इजराइल युद्ध का असर
आम जनता के बीच इस बात की भी चर्चा है कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण ईंधन की कीमतों में यह उछाल आया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते देश में गैस की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी का अंदेशा पहले से ही जताया जा रहा था।
महिलाओं का छलका दर्द
हमने सोचा था कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सरकार महिलाओं के हित में कोई अच्छा निर्णय लेगी, जैसे दामों में कटौती या कोई अन्य रियायत, लेकिन सरकार ने इसके उलट गैस के दाम बढ़ाकर हमारे घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
विनिता शर्मा, गृहणी
एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बातें होती हैं और दूसरी तरफ रसोई की सबसे जरूरी चीज को महंगा कर दिया जाता है। 60 की बढ़ोतरी आम परिवार के लिए बहुत मायने रखती है।
रुकमणी पाटीदार, गृहणी
त्योहारों और विशेष दिनों पर महंगाई बढ़ाना अब एक परंपरा बन गई है। चूल्हा जलाना अब हर दिन महंगा होता जा रहा है। सरकार को कम से कम महिला दिवस के सम्मान में इस बढ़ोतरी को टालना चाहिए था।
हेमलता मालवीय, गृहणी