सीहोर। शहर की हृदय स्थली कही जाने वाली सीवन नदी पर वर्षों से सीना ताने खड़ी ब्रिटिशकालीन निशानियों जर्जर पुलों को फिलहाल जीवनदान मिल गया है। विधायक सुदेश राय द्वारा शुक्रवार को किए जाने वाले दो नए आधुनिक पुलों का भूमिपूजन कार्यक्रम किन्हीं अपरिहार्य कारणों से फिलहाल टाल दिया गया है। अब विकास की इस नई इबादत को लिखने के लिए नई तारीख का इंतजार करना होगा।
बता दें कि सीहोर के कस्बा क्षेत्र में सीवन नदी पर बना बकरी पुल और दूल्हा बादशाह पुल कभी शहर की जीवनरेखा हुआ करते थे। अंग्रेजों के जमाने के ये पुल अब अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं और अत्यंत जर्जर व खतरनाक स्थिति में हैं। विधायक सुदेश राय की विशेष सक्रियता पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इन ऐतिहासिक लेकिन असुरक्षित पुलों के स्थान पर 9 करोड़ 35 लाख 44 हजार रुपए की लागत से नए सेतु निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है।
तैयारियां थीं पूरी, पर टल गया मुहूर्त
लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण द्वारा आयोजित इस समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई थीं। इंदौर नाका से तहसील चौराहा के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए इन पुलों का निर्माण अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। विधायक सुदेश राय स्वयं इस ऐतिहासिक कार्य का श्रीगणेश करने वाले थे, लेकिन शुक्रवार को होने वाला यह कार्यक्रम किन्हीं कारणों से स्थगित करना पड़ा। विभागीय सूत्रों के अनुसार भूमिपूजन की आगामी तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।
हादसों का डर
भले ही कार्यक्रम टल गया हो, लेकिन विधायक सुदेश राय ने स्पष्ट किया है कि शहर के विकास में ये जर्जर पुल अब बाधा नहीं बनेंगे। पुराने और खतरनाक हो चुके ढांचों को हटाकर आधुनिक तकनीक से मजबूत पुल बनाना उनकी प्राथमिकता है, ताकि शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को सुरक्षित तरीके से झेला जा सके।


