Sehore News: सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आश्रम कुबेरेश्वर धाम के बाहर इन दिनों दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धाम समिति द्वारा मुख्य प्रवेश द्वारों में शामिल गेट नंबर 1 और 2 को पूरी तरह बंद किए जाने के बाद से इन रास्तों पर स्थित दुकानें पूरी तरह ठप हो गई हैं। अचानक आए इस आर्थिक संकट और बेरोजगारी के डर से गुस्साए और परेशान दुकानदारों ने आज सुबह हाथों में तख्तियां लेकर धाम के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन व समिति से न्याय की गुहार लगाई।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कुबेरेश्वर धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के भरोसे ही उनके परिवारों का भरण-पोषण चलता है। उन्होंने कर्ज लेकर और अपनी जमा पूंजी लगाकर गेट नंबर 1 और 2 के पास पूजा सामग्री, जल, होटल और अन्य जरूरत के सामानों की दुकानें लगाई थीं। लेकिन समिति द्वारा इन दोनों महत्वपूर्ण गेटों को बंद कर दिए जाने से श्रद्धालुओं का इस मार्ग से आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है। रास्ते बंद होने से यहां दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है, जिससे दुकानदारों की ग्राहकी पूरी तरह चौपट हो गई है। कई परिवारों के सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट भी खड़ा होने लगा है।
पंडित प्रदीप मिश्रा से भी लगा चुके हैं अर्जी
परेशान दुकानदारों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे बीते दिनों खुद कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से भी मिले थे। दुकानदारों ने पंडित जी के सामने हाथ जोडक़र अपनी गुहार लगाते हुए कहा था कि महाराज, अगर ये रास्ते बंद रहे तो हम सब तो पूरी तरह बेरोजगार हो जाएंगे। हमारे बच्चे भूखे मरने की कगार पर आ जाएंगे। हालांकि इस मुलाकात और अर्जी के बाद भी अब तक गेटों को नहीं खोला गया, जिसके कारण मजबूर होकर आज दुकानदारों को सडक़ों पर उतरकर प्रदर्शन करने का रास्ता चुनना पड़ा।
परिसर के अंदर की दुकानें बनीं वजह
इस पूरे विवाद के पीछे का मुख्य कारण धाम के अंदर बनी नई दुकानें बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार अब ज्यादातर दुकानें कुबेरेश्वर धाम परिसर के अंदर शिफ्ट कर दी गई हैं। इन दुकानों का निर्माण खुद धाम समिति द्वारा कराया गया है। समिति अंदर की इन दुकानों से बकायदा किराया भी वसूल रही है। बाहर के दुकानदारों का आरोप है कि अंदर की दुकानों को फायदा पहुंचाने और अपनी कमाई बढ़ाने के चक्कर में समिति ने गेट नंबर 1 और 2 को बंद कर दिया है, ताकि हर श्रद्धालु अंदर की दुकानों से ही सामान खरीदने को मजबूर हो। समिति के इस फैसले ने बाहर के गरीब और स्थानीय दुकानदारों को सीधे बेरोजगारी के दलदल में धकेल दिया है।
मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान दुकानदारों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी रोजी-रोटी को छिनने नहीं देंगे। हाथों में हमें रोजगार दो और गेट नंबर 1-2 चालू करो की तख्तियां थामे दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन दोनों द्वारों को आम श्रद्धालुओं के लिए दोबारा नहीं खोला गया तो आने वाले दिनों में वे अपने परिवारों के साथ उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।


