Sehore: अध्यक्ष प्रजापति की सख्ती के बाद रसिक प्रोफेसर पर गिरी गाज

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Sehore News: सीहोर। चन्द्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में एक छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आते ही हडक़ंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही कॉलेज जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष सुदीप प्रजापति तुरंत एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने तत्काल कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रबंधन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर को 10 दिन के लिए हटा दिया गया है।
बता दें घटना की सूचना मिलते ही जनभागीदारी अध्यक्ष सुदीप प्रजापति सीधे कॉलेज पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली और पीडि़त छात्रा के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को गंभीरता से सुना। परिजनों की शिकायत सुनने के बाद अध्यक्ष प्रजापति ने कॉलेज प्रबंधन के साथ चर्चा की।
छात्राओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
जनभागीदारी अध्यक्ष सुदीप प्रजापति ने कॉलेज प्रबंधन से दो टूक शब्दों में कहा कि शैक्षणिक संस्थान में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सबसे ऊपर है। इससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले की निष्पक्षता से त्वरित जांच कराने और आरोपी को तुरंत प्रभाव से व्यवस्था से बाहर करने के निर्देश दिए।
प्रोफेसर ठक्कर 10 दिनों के लिए ब्रेक पर
जनभागीदारी अध्यक्ष की सख्ती और कॉलेज प्रबंधन की बैठक के बाद प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने एक आदेश जारी कर पर्यावरण विभाग के अतिथि विद्वान (जनभागीदारी मद) कैलाश प्रसाद ठक्कर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। आदेश के तहत आरोपी प्रोफेसर को आगामी 10 दिनों के लिए सेवा कार्य से अवरोधित (ब्रेक) कर कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
महिला उत्पीडऩ समिति करेगी जांच
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय महिला उत्पीडऩ समिति का गठन किया गया है, जिसमें कॉलेज की वरिष्ठ महिला प्राध्यापकों को शामिल किया गया है, जिनमें डॉ. सुमन रोहिला प्राध्यापक अर्थशास्त्र (संयोजक), डॉ. ज्योति नेताम प्राध्यापक राजनीतिशास्त्र (सदस्य) और डॉ. प्रमिला जैन सह प्राध्यापक समाजशास्त्र (सदस्य) शामिल हैं।
तीन दिन में रिपोर्ट सौंपनी
प्राचार्य द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस समिति को पूरे मामले की बारीकी से जांच कर 3 दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट रिपोर्ट सौंपनी होगी। जब तक समिति की अंतिम रिपोर्ट नहीं आती, तब तक प्रोफेसर ठक्कर कॉलेज में सेवाएं नहीं दे सकेंगे।
एबीवीपी ने जताई थी नाराजगी
इससे पूर्व इस शर्मनाक घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी कॉलेज परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एबीवीपी की जिला अध्यक्ष नीलू राठौर और मंत्री ऋषिका नाथ के नेतृत्व में छात्रों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर आरोपी प्राध्यापक को तत्काल निलंबित करने और सख्त वैधानिक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। छात्रों का कहना था कि केवल ट्रांसफर करना ऐसे मामलों में पर्याप्त नहीं है।