‘अपनापन’ में ‘शिव-साधना’ ने प्रिंस को कराया अपनेपन का अहसास

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Sehore News: सीहोर। केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिखित पुस्तक ‘अपनापन’ नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभवष का मंगलवार को नई दिल्ली में भव्य विमोचन किया गया। यह आयोजन सिर्फ एक किताब के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीति के परदे के पीछे छिपे आत्मीय और पारिवारिक रिश्तों की एक भावुक दास्तान बन गया। इस समारोह में सीहोर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह चौहान ‘शिव-साधना’ से ‘अपनेपन’ का एक ऐसा अनूठा अहसास मिला, जो चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल 26 मई को नपाध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर की 15वीं शादी की सालगिरह थी। घर पर पारिवारिक आयोजन की तैयारियां थीं, लेकिन दूसरी ओर दिल्ली में उनके राजनीतिक मार्गदर्शक शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक का विमोचन समारोह था। प्रिंस राठौर अपने पारिवारिक जश्न को छोडक़र कर्तव्य और निष्ठा निभाते हुए दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में शामिल होने पहुंच गए।
शिव-साधना ने फन कर जीता दिल, कराया एक अनोखा वादा
जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह बात पता चली कि प्रिंस अपनी शादी की सालगिरह छोडक़र दिल्ली आए हैं तो वे उनके इस समर्पण से भावुक हो गए। शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत दिल्ली से ही प्रिंस की धर्मपत्नी सोनल राठौर को फोन लगाया और उन्हें विवाह वर्षगांठ की आत्मीय बधाई दी।
इसी दौरान शिवराज सिंह की धर्मपत्नी साधना सिंह चौहान ने भी फोन पर सोनल से बात की। उन्होंने सोनल को एक बड़ा ही प्यारा वादा किया। साधना सिंह ने कहा अब प्रिंस तुम्हें घूमने जरूर ले जाएंगे। इतना ही नहीं साधना सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रिंस राठौर से भी यह वादा लिया कि वे व्यस्तता से समय निकालकर सोनल को घुमाने जरूर ले जाएंगे।
किताब के विमोचन में खुले राजनीति के कई दिलचस्प पन्ने
इस भव्य समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पुस्तक के सफर और अपने राजनीतिक जीवन से जुड़े कई दिलचस्प और भावुक संस्मरण साझा किए। शिवराज सिंह चौहान ने मंच से खुलासा किया कि उनकी इस किताब का बीज दरअसल उनके गृह जिले सीहोर के लाडक़ुई गांव में बोया गया था। मूल रूप से सीहोर के जैत गांव के निवासी और बुधनी से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले शिवराज ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव का एक बेहद निजी संस्मरण साझा किया।
जब विरोधियों ने कहा, ‘मामा का श्राद्ध’ हो गया
शिवराज ने बताया 2023 के चुनाव से ठीक पहले मैं बुधनी क्षेत्र के लाडक़ुई गांव गया था। वहां विकास कार्यों की चर्चा के दौरान मेरे मुंह से सहज ही निकल गया कि जब हम चले जाएंगे, तो याद बहुत आएंगे। मेरे इस बयान को राजनीतिक गलियारों में अलग ही ढंग से लिया गया और कांग्रेसियों ने तो यहां तक प्रचारित कर दिया कि मामा का अब श्राद्ध हो गया है।
संकट के समय आया पीएम मोदी का फोन
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उस बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उन्हें फोन आया। पीएम मोदी ने उनसे कहा शिवराज, आज मैं मुख्यमंत्री या चुनाव की बात नहीं कर रहा, मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं। पीएम मोदी ने उन्हें ढांढस बंधाया और दो-तीन दिन एकांत में जाकर मन शांत करने की सलाह दी।
मैं फीनिक्स पक्षी हूं, राख से भी उठ खड़ा होऊंगा
पीएम की सलाह पर शिवराज गंगा किनारे गए, नई रणनीति बनाई और लौटकर भोपाल की सभा में हुंकार भरी। कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यहां आलोक शर्मा मोजूद हैं, मैंने भोपाल की सभा में एलान किया था कि मैं फीनिक्स पक्षी हूं, जो राख के ढेर से भी फिर उठकर खड़ा हो जाता है। इसके बाद भाजपा ने 2023 के चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की।