सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर पश्चिमी रेलवे की एक ऐसी लापरवाही सामने आई है, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है। एक तरफ कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव के चलते स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर रेलवे सुरक्षा बल एक ऐसे जवान से ड्यूटी करा रहा है, जिसे मेडिकल बोर्ड ने मानसिक रूप से अनफिट घोषित कर रखा है।
सीहोर स्टेशन पर पदस्थ आरपीएफ कांस्टेबल मयूरदान गढवी लंबे समय से मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर (गंभीर मानसिक तनाव) से जूझ रहे हैं। रतलाम मंडल द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट के अनुसार उनका इलाज जुलाई 2023 से मुंबई के जगजीवन राम रेलवे अस्पताल में चल रहा है। मेडिकल बोर्ड ने स्पष्ट रूप से उन्हें आरपीएफ की मूल ड्यूटी के लिए अनफिट पाया है और वैकल्पिक हल्के कार्य पर लगाने की सिफारिश की है। चौंकाने वाली बात यह है कि कर्मचारी की मेडिकल हिस्ट्री में आत्महत्या के प्रयास भी शामिल रहे हैं।
डॉक्टरों की चेतावनी, भीड़ से रखें दूर
मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने सख्त चेतावनी दी है कि ऐसे कर्मचारी को बंदूक या भीड़भाड़ वाले स्थान पर ड्यूटी पर लगाना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है। इसके बावजूद रुद्राक्ष महोत्सव जैसी संवेदनशील स्थिति में जहां स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं है, इस जवान से घंटे ड्यूटी ली जा रही है।
जवान का छलका दर्द, मजबूरी में कर रहा हूं काम
जब इस संबंध में कांस्टेबल मयूरदान गढवी से चर्चा की गई तो उनका दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि उनकी मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे इतनी भीड़ और तनाव के बीच काम कर सकें, लेकिन परिवार पालने की मजबूरी में उन्हें यह जोखिम उठाना पड़ रहा है।
नियमों के अनुसार ही…
आरपीएफ और मेडिकल सर्टिफिकेट के नियमों के मुताबिक ही ड्यूटी ली जा रही है। जवान से राइफल के साथ ड्यूटी नहीं ली जा रही है।
देवेश ग्लोहानी, निरीक्षक रेलवे सुरक्षा बल सीहोर


